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    Pradosh Vrat 2026: पूजा के समय बस एक बार पढ़ लें यह मंगलकारी स्तोत्र, रातों-रात पलट जाएगी आपकी किस्म्त

    Updated: Wed, 25 Feb 2026 06:30 PM (IST)

    मार्च 2026 को फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रवि प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से मनचाही मुराद ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2026: भगवान शिव को कैसे प्रसन्न करें?

    Pradosh Vrat 2026: भगवान शिव को कैसे प्रसन्न करें?

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Pradosh Vrat 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार, रविवार 01 मार्च को फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस शुभ अवसर पर प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। रविवार के दिन पड़ने के चलते रवि प्रदोष व्रत कहलाएगा। रवि प्रदोष व्रत करने से मनचाही मुराद पूरी होती है। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलेगी।

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    अगर आप भी देवों के देव महादेव और जगत की देवी मां भवानी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत पर विधि-विधान से शिव-शक्ति की पूजा करें। वहीं, पूजा के समय ये मंगलकारी स्तोत्र का पाठ करें।

    शिव प्रदोष स्तोत्र

    जय देव जगन्नाथ जय शंकर शाश्वत ।
    जय सर्वसुराध्यक्ष जय सर्वसुरार्चित ।।
    जय सर्वगुणातीत जय सर्ववरप्रद ।
    जय नित्यनिराधार जय विश्वम्भराव्यय ।।
    जय विश्वैकवन्द्येश जय नागेन्द्रभूषण ।
    जय गौरीपते शम्भो जय चन्द्रार्धशेखर ।।
    जय कोट्यर्कसंकाश जयानन्तगुणाश्रय ।
    जय भद्र विरुपाक्ष जयाचिन्त्य निरंजन ।।
    जय नाथ कृपासिन्धो जय भक्तार्तिभंजन ।
    जय दुस्तरसंसारसागरोत्तारण प्रभो ।।
    प्रसीद मे महादेव संसारार्तस्य खिद्यत: ।
    सर्वपापक्षयं कृत्वा रक्ष मां परमेश्वर ।।
    महादारिद्रयमग्नस्य महापापहतस्य च ।
    महाशोकनिविष्टस्य महारोगातुरस्य च ।।
    ऋणभारपरीतस्य दह्यमानस्य कर्मभि: ।
    ग्रहै: प्रपीड्यमानस्य प्रसीद मम शंकर ।।
    दरिद्र: प्रार्थयेद् देवं प्रदोषे गिरिजापतिम् ।
    अर्थाढ्यो वाऽथ राजा वा प्रार्थयेद् देवमीश्वरम् ।।
    दीर्घमायु: सदारोग्यं कोशवृद्धिर्बलोन्नति: ।
    ममस्तु नित्यमानन्द: प्रसादात्तव शंकर ।।
    शत्रव: संक्षयं यान्तु प्रसीदन्तु मम प्रजा: ।
    नश्यन्तु दस्यवो राष्ट्रे जना: सन्तु निरापद: ।।
    दुर्भिक्षमारिसंतापा: शमं यान्तु महीतले ।
    सर्वसस्यसमृद्धिश्च भूयात् सुखमया दिश: ।।
    एवमाराधयेद् देवं पूजान्ते गिरिजापतिम् ।
    ब्राह्मणान् भोजयेत् पश्चाद् दक्षिणाभिश्च पूजयेत् ।।
    सर्वपापक्षयकरी सर्वरोगनिवारिणी ।
    शिवपूजा मयाख्याता सर्वाभीष्टफलप्रदा ।।

    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम्

    शिव सत्य है, शिव अनंत है,
    शिव अनादि है, शिव भगवंत है,
    शिव ओंकार है, शिव ब्रह्म है,
    शिव शक्ति है, शिव भक्ति है ।।

    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    रुप मंगलम् शिव शृंगार मंगलम् ।
    भस्मांगधारीका परीवार मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    पर्वत कैलाश का आधार मंगलम् ।
    शंभू महाशक्ति है साकार मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ।
    ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॥
    जटा मंगलम् गंगाधार मंगलम् ।
    चंद्र मंगलम् चंद्राकार मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    तीन नयनधारी है त्रिकाल मंगलम् ।
    नीलकंठधारी महाकाल मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    कंठमुंडमाल सर्फ हार मंगलम् ।
    कालिसंग काल प्रलयंकार मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    रुद्र मंगलम् रुद्राक्ष मंगलम् ।
    चतुर्भुज शंभू के शुभ हाथ मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ।
    ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॥
    त्रिशूल मंगलम् डमरुवात मंगलम् ।
    है अंत मंगलम् मध्य आद्य मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    दिव्य अंग वस्त्र व्याघ्रचर्म मंगलम् ।
    शंभू महादेव के है मर्म मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    दिव्य देव के दोनो चरण मंगलम् ।
    प्रभु अविनाशी के पदत्राण मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    है वाम अंग पार्वती देवी मंगलम् ।
    चरणोंमें शिवगण है सारे सेवी मंगलं
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    पुत्र कार्तिकेय श्री प्रथमेश मंगलम् ।
    देवों के देव है गणेश मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    व्दादशज्योतिर्लिंग है शिवनाथमंगलं
    सोमेश्वरनाथ विश्वनाथ मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    रामेश्वर शंभू है केदार मंगलम् ।
    घृष्मेश्वर भीमा ओंकार मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    मल्लिकार्जुन नागेश्वरनाथ मंगलम् ।
    महाकालेश्वर वैद्यनाथ मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    त्र्यंबकेश्वर शिव संचार मंगलम् ।
    कणकण में शंभू निराकार मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    ॐ नमः शिवायका उच्चार मंगलम् ।
    महामंत्र महिमा आकार मंगलम् ।
    मुक्ति भुक्ति दाता शिवव्दार मंगलम् ।
    नमन वंदना से भव पार मंगलम् ।
    ॐ मंगलम् ओंकार मंगलम् ।
    शिव मंगलम् रविवार मंगलम् ॥
    *ॐऽऽ… ॐऽऽ…. ॐऽऽ…. ॐऽऽऽ….
    *ॐ शांति ! ॐ शांति !! ॐ शांति ।।

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