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    Pradosh Vrat 2026: कब है साल का दूसरा प्रदोष व्रत, इस तरीके से प्राप्त करें शिव जी की कृपा

    Updated: Tue, 06 Jan 2026 12:14 PM (IST)

    प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। इस दिन पर भक्त शिवलिंग पर विभिन्न सामग्री चढ़ाते हैं और शिव जी के मंत्रों का जप करते ह ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2026 कब किया जाएगा

    Pradosh Vrat 2026 कब किया जाएगा

    HighLights

    1. शुक्रवार को पड़ रहा है साल का दूसरा प्रदोष व्रत

    2. प्रदोष काल में की जाती है प्रदोष व्रत की पूजा

    3. इस दिन महादेव की पूजा से आती है सुख-समृद्धि

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ऐसी मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की पूजा-अर्चना से आपको उनकी विशेष कृपा मिल सकती है। चलिए पढ़ते हैं कि जनवरी का दूसरा प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026 Date) कब किया जाएगा और आप किस तरह इस दिन शिव जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

    प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2026 Muhurat)

    माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 जनवरी को रात 8 बजकर 16 मिनट पर शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन 16 जनवरी को रात 10 बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में जनवरी का दूसरा प्रदोष व्रत शुक्रवार 16 जनवरी को किया जाएगा। शुक्रवार के दिन पड़ने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत (Shukra Pradosh Vrat) इस दिन पर पूजा का मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है -

    प्रदोष व्रत पूजा का समय - शाम 5 बजकर 47 मिनट से रात 8 बजकर 29 मिनट तक

    Pradosh Vrat 2024 i (1)

    शुक्र प्रदोष व्रत पूजा विधि -

    • शुक्र प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
    • शिवलिंग पर दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल, बेलपत्र, फूल, धतूरा चढ़ाएं, धूप-दीप जलाएं।
    • दीपक जलाएं और पूजा में 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करते रहें।
    • शाम को प्रदोष काल में पुनः भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
    • पूजा के बाद प्रदोष व्रत की कथा सुनें व शिव जी की आरती करें।
    • प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण करें।
    Pradosh Vrat I (1)

    जरूर करें ये काम

    शुक्र प्रदोष व्रत के दिन आप सफेद रंग की वस्तुओं जैसे दूध, दही, चीनी, सफेद मिठाई, चावल और सफेद रंग के कपड़े आदि का दान करके भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ऐसा करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और वैवाहिक जीवन भी खुशहाली बना रहता है।

    इन गलतियों से बचें

    शुक्र प्रदोष व्रत के दिन शिव जी को केतकी का फूल या तुलसी अर्पित करने से बचें। व्रत करने वाले साधक को प्रदोष व्रत या किसी अन्य दिन भी झूठ बोलने, क्रोध करने या किसी का अनादर करने से बचना चाहिए। इन सभी बातों की अनदेखी करने पर आपको व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।