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    Pradosh Vrat 2026: सोम प्रदोष पर जरूर सुनें यह कथा, शिव जी हर लेंगे सारे कष्ट और चमक जाएगी किस्मत

    Updated: Mon, 16 Mar 2026 10:07 AM (GMT+05:30)

    आज सोम प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026) रखा जा रहा है। यह भगवान शिव को समर्पित है। ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2026: सोम प्रदोष व्रत कथा। (Ai Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Pradosh Vrat 2026: आज सोमवार के दिन प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। सोमवार भगवान शिव का दिन है और प्रदोष तिथि भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने का सबसे शुभ समय है। ऐसी मान्यता है कि जब यह दोनों संयोग एक साथ मिलते हैं, तो उसे 'सोम प्रदोष' कहा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत की पौराणिक कथा सुने या पढ़े बिना आपकी पूजा अधूरी मानी जाती है? अगर आप चाहते हैं कि आपकी पूजा पूरी हो, तो इस पावन दिन पर प्रदोष काल में शिव पूजा के बाद पूरी श्रद्धा के साथ यह कथा जरूर सुनें या पढ़ें, जो इस प्रकार हैं -

    Pradosh Vrat 2026 katha labh

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    सोम प्रदोष व्रत की पौराणिक कथा (Pradosh Vrat 2026 Katha )

    एक समय की बात है, एक नगर में एक बहुत गरीब ब्राह्मणी रहती थी। वह अपने बच्चों के साथ भीख मांगकर गुजारा करती थी। एक बार उसे नदी किनारे एक घायल बालक मिला, जो विदर्भ देश का राजकुमार था। शत्रुओं ने उसके माता-पिता को मारकर उसका राज्य छीन लिया था। ब्राह्मणी उस राजकुमार को भी अपने घर ले आई और अपने बेटे की तरह पालने लगी। कुछ समय बाद, दोनों बालक वन में खेल रहे थे, जहां उनकी मुलाकात शांडिल्य ऋषि से हुई। ऋषि ने ब्राह्मणी और दोनों बालकों को सोम प्रदोष व्रत रखने और उसकी कथा सुनने की विधि बताई। ऋषि की आज्ञा मानकर ब्राह्मणी और बालकों ने पूरी निष्ठा से सोम प्रदोष का व्रत रखना और कथा सुनना शुरू किया। कुछ समय बाद, बड़ा होने पर राजकुमार की मुलाकात गंधर्व कन्या अंशुमती से हुई। राजकुमार और अंशुमती को एक-दूसरे से प्रेम हो गया।

    जब गंधर्व राज को पता चला कि यह विदर्भ का असली राजकुमार है, तो उन्होंने अपनी पुत्री का विवाह उससे कर दिया। विवाह के बाद, राजकुमार ने गंधर्व सेना की मदद से अपना खोया हुआ राज्य वापस पा लिया। राजकुमार ने उस ब्राह्मणी और उसके बेटे को राजमहल में सम्मानपूर्वक स्थान दिया। सोम प्रदोष व्रत और कथा के प्रभाव से राजकुमार को उसका राज्य मिला और ब्राह्मणी की गरीबी हमेशा के लिए दूर हो गई।

    कथा पाठ के लाभ (Pradosh Vrat 2026 Katha Path Benefits )

    जिस तरह भगवान शिव ने उस ब्राह्मणी और राजकुमार के सारे कष्ट दूर किए, वैसे ही सोम प्रदोष व्रत की कथा सुनने मात्र से भक्तों के सभी दुःख और दरिद्रता का नाश हो जाता है। साथ ही भगवान शिव का आशीर्वाद हमेशा के लिए मिलता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।