Radha Ashtami 2026: सोने सा रूप और हिरणी सी आंखें... राधाष्टमी पर जानिए कैसी दिखती हैं हमारी श्रीराधा रानी!
इस साल राधाष्टमी (Radha Ashtami 2026) का व्रत 19 सितंबर 2026, शनिवार को रखा जाएगा। ऐसे में श्री राधा रानी ...और पढ़ें

राधा रानी की दिव्य सुंदरता के बारे में जानिए

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल की तरह इस साल भी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। उनके प्राकट्य दिवस को राधाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस साल उनका जन्मोत्सव (Radha Ashtami 2026) 19 सितंबर 2026, शनिवार को मनाया जाएगा।
राधाष्टमी पर हम उनकी पूजा विधि, मंत्र, श्लोक और भोग के बारे में जानते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि, आखिरकार श्रीराधा रानी का अलौकिक सौंदर्य कैसा होगा। आइए पढ़ते हैं उनकी असाधारण सुंदरता के बारे में।
राधा रानी की सुंदरता का वर्णन
श्रील रूप गोस्वामी द्वारा रचित राधा-कृष्ण गोनद्देश-दीपिका में राधा जी की दिव्य सुंदरता का वर्णन करते हुए कहा गया है कि, 'वे हमेशा चमकीले नीले वस्त्र धारण करती हैं और उनका तेजस्वी शारीरिक तेज चमचमाते हुए सोने की तरह दिखाई देता है।' उनका मुख लाखों पूर्णिमाओं की तरह तेजस्वी और निर्मल है। उनकी कमल जैसी आंखें काले काजल से सजी हुई है और करीब उनके कानों तक फैली हैं। उनकी सुंदरता की तुलना तीनों लोकों में किसी से भी नहीं की जा सकती है।
उनके घने काले केश बाल कमर तक पहुंचते हैं और सुंदर तरीके से आपसे में गुंथे हुए हैं और वन के सुंगधित फूलों से सजे हैं, जबकि घुंघराले बालों की लटें उनके मनमोहक माथे पर बेहद सुशोभित लगती है। उनके लंबे धनुषाकार भौंहें अपने प्रियतम की ओर प्रेम की घातक बाण दागने में सक्षम हैं। उनकी नाक का आकार बेहद उत्तम हैं जो तिल के फूल की तरह सुंदर है और चंद्रमा के समान चमकते मोती की तरह दिखाई देती है।

उनका रूप प्रेम के देवता को भी मोहित कर सकती थी
उनके होंठ अमृतमय हैं जो खिले हुए लाल कमलों से भी कहीं बढ़कर हैं। उनके दांत चमकते सफेद मोतियों की पंक्तियों की तरह दिखाई देते हैं। उनकी कोमल ठुड्डी की सुंदरता प्रेम के देवता को भी मोहित कर देती है। उनके कोमल कान, जो दिव्य बांसुरी के मधुर गीत को सुनने के लिए पूरी तरह से अभ्यस्त हैं।
राधा रानी दिखने में अत्यंत मधुर और आकर्षक है। उनकी आंखें हिरणी जैसी और चंचल है। उनका मुस्कुराता हुआ मुख अत्यंत आनंदमय लगता है। शुभ और सुंदर रेखाएं श्री राधा रानी के कमल जैसे हाथों और पैरों को सुशोभित करती हैं। उनकी सुंगधित शारीरिक खुशबू से स्वयं भगवान कृष्ण भी मोहित हैं। श्रीमती राधारानी असाधारण गायिका और वीणा वादक हैं।
राधा रानी दया और करुणा की साक्षात मूर्ति हैं। उनकी बुद्धि और बुद्धिमत्ता सभी से ज्यादा है। वह प्रेम से जुड़े सभी तरह के कार्य करने में सक्षम हैं। उनका चरित्र चमकते रत्न के समान है। वह कभी भी सांसारिक दुख या कष्ट से विचलित नहीं होती हैं।
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