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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ketu Gochar 2025: कन्या राशि के जातकों को कब मिलेगी मायावी ग्रह से मुक्ति, इन उपायों से पाएं निजात

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Wed, 23 Apr 2025 07:24 PM (IST)

    भगवान गणेश को बुधवार का दिन प्रिय है। इस दिन भक्ति भाव से भगवान गणेश की पूजा की जाती है। भगवान गणेश की पूजा करने से व्यापार के दाता बुध देव प्रसन्न हो ...और पढ़ें

    Lord Ganesh: भगवान गणेश को कैसे प्रसन्न करें?
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    HighLights

    1. मंगल देव की कृपा मकर राशि वालों पर बरसती है।
    2. मेष राशि वालों को सूर्य देव हमेशा शुभ फल देते हैं।
    3. भगवान विष्णु की पूजा से दुखों का नाश होता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को मायावी ग्रह कहा जाता है। मायावी ग्रह केतु वक्री चाल चलते हैं। एक राशि में डेढ़ साल तक रहते हैं। इसके बाद राशि परिवर्तन करते हैं। केतु की कुदृष्टि से जातक को जीवन में नाना प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    वर्तमान समय में मायावी ग्रह राहु मीन राशि में विराजमान हैं। इस राशि में राहु 17 मई तक रहेंगे। इसके बाद राहु अपनी स्थिति बदलेंगे। राहु के राशि परिवर्तन से मीन राशि के जातकों को मायावी ग्रह से मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन क्या आपको पता है कि कन्या राशि के जातकों को कब मायावी ग्रह केतु से मुक्ति मिलेगी? आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-

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    कन्या राशि

    ग्रहों के राजकुमार बुध देव कन्या राशि के स्वामी हैं। इस राशि के जातकों पर बुध देव की विशेष कृपा बरसती है। उनकी कृपा से कन्या राशि वाले कारोबार में बेहतर करते हैं। साथ ही कन्या राशि के जातक धार्मिक और मधुरभाषी होते हैं। कन्या राशि के जातकों पर भगवान गणेश की कृपा रहती है। इस राशि का शुभ रंग हरा और शुभ अंक आठ है।

    कब शुरू होगी शनि की ढैय्या?

    न्याय के देवता शनिदेव 03 जून, 2027 को शनिदेव राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन कर्मफल दाता शनिदेव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। शनिदेव के मेष राशि में गोचर करने से वृषभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती शुरू होगी। वहीं, कन्या और मकर राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या शुरू होगी। जबकि, सिंह और धनु राशि के जातकों को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही कुंभ राशि के जातकों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी। इस दौरान शनिदेव वक्री चाल चलकर दोबारा से मीन राशि में गोचर करेंगे।

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    कब मिलेगी मायावी ग्रह से मुक्ति?

    मायावी ग्रह केतु 18 मई को राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन केतु कन्या राशि से निकलकर सिंह राशि में गोचर करेंगे। इस दिन से ही कन्या राशि के जातकों को मायावी ग्रह से मुक्ति मिलेगी। वहीं, मीन राशि के जातकों को राहु से भी राहत मिलेगी।  

    करें ये उपाय

    कन्या राशि के जातक हर बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करें। वहीं, पूजा के समय भगवान गणेश को मोदक और दूर्वा अवश्य ही अर्पित करें। इस उपाय को करने से भगवान गणेश की कृपा कन्या राशि के जातकों पर बरसती है। वहीं, शनिवार के दिन गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। साथ ही बहती जलधारा में नारियल प्रवाहित करें। इस उपाय को करने से भी मायावी ग्रह की कुदृष्टि से मुक्ति मिल सकती है।  

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।