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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mata Sita: माता सीता ने एक ही साड़ी में बिताया था पूरा वनवास, जानिए क्या थी इसकी खासियत?

    Updated: Sat, 13 Jul 2024 02:03 PM (GMT+05:30)

    श्री राम की पत्नी सीता भी रामायण के प्रमुख पात्रों में से एक हैं। माता सीता ने अपने वनवास के दौरान जो साड़ी पहनी थी वह कोई आम साड़ी नहीं थी बल्कि एक द ...और पढ़ें

    Mata Sita Saree माता सीता ने एक ही साड़ी में बिताया था पूरा वनवास।
    Mata Sita Saree माता सीता ने एक ही साड़ी में बिताया था पूरा वनवास।

    HighLights

    1. हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथ हैं रामचरितमानस और रामायण।
    2. पूरे वनवास में माता सीता ने पहनी थी एक ही साड़ी।
    3. माता सीता को भेंट के रूप में मिली थी ये साड़ी।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। श्रीरामचरितमानस और रामायण हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में से एक हैं, जिसमें मुख्य रूप से श्री राम के चरित्र का वर्णन मिलता है। इसके साथ ही सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण भी इसके कुछ प्रमुख पात्र हैं। राम जी के साथ-साथ माता सीता और लक्ष्मण ने भी वनवास काटा था। आज हम आपको वनवास के दौरान पहनी गई माता सीता की साड़ी से जुड़ी कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं।

    उपहार में मिली थी यह साड़ी

    रामायण की कथा के अनुसार, वनवास पर जाने से पहले अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनसुइया ने माता सीता को एक दिव्य साड़ी भेंट के रूप में दी थी। कथा के अनुसार जब राम जी को 14 वर्ष के लिए वनवास दिया गया, तब उनकी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण भी वनवास जाने को तैयार हो गए। वनवास जाने से पहले वह तीनों ऋषि अत्रि के आश्रम में गए।

    वहां ऋषि अत्रि की पत्नी माता अनसुइया ने तीनों का बहुत अच्छे से आदर सत्कार किया। साथ ही माता अनसुइया ने सीता जी को सतीत्व की शिक्षा भी दी, क्योंकि माता अनसुइया को सबसे पतिव्रता नारी माना जाता था। इस दौरान माता अनसुइया ने सीता जी को पीले रंग की एक दिव्य साड़ी भी उपहार के रूप में दी। 

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    क्या थी इसकी खासियत

    माता सीता ने अपने पूरे वनवास में इसी साड़ी को पहने रखा था। इस साड़ी की विशेषता यह थी कि यह साड़ी न को मैली होती थी और न ही इसे कोई नुकसान पहुंचता था। यही कारण है कि माता सीता के पूरे वनवास के दौरान इस साड़ी को पहनने के बाद भी इसे कोई नुकसान नहीं पहुचा और यह एकदम नई जैसी बनी रही।

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