Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हनुमान जयंती की रात करें बजरंग बाण का पाठ, पढ़ें सही विधि, न करें ये काम

    Updated: Mon, 30 Mar 2026 05:00 PM (IST)

    चैत्र पूर्णिमा पर हनुमान जयंती मनाई जाती है, जिसकी रात को बजरंग बाण का पाठ करना अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। ...और पढ़ें

    Bajrang Baan: बजरंग बाण पाठ के नियम। (Ai Generated Image)

    Bajrang Baan: बजरंग बाण पाठ के नियम। (Ai Generated Image)

    HighLights

    1. हनुमान जयंती का दिन बेहद शुभ माना जाता है

    2. यह भगवान हनुमान को समर्पित है

    3. इस दिन व्रत रखने का भी विधान है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। चैत्र महीने की पूर्णिमा संकटमोचन हनुमान जी के जन्मोत्सव का प्रतीक है। हनुमान जयंती की रात को बेहद सिद्ध और प्रभावशाली माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस विशेष रात्रि को अगर पूरी श्रद्धा के साथ बजरंग बाण (Bajrang Baan) का पाठ किया जाए, तो बड़े से बड़ा संकट दूर किया जा सकता है। आइए इससे जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

    08_09_2020-hanuman-ji_20720399 (9)

    बजरंग बाण पाठ की सही विधि

    • हनुमान जयंती की रात एक शांत स्थान पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें।
    • लाल रंग के आसन पर बैठें और हो पाए तो लाल वस्त्र धारण करें।
    • चमेली के तेल का दीपक जलाएं और उसमें दो लौंग डाल दें।
    • हनुमान जी को बेसन के लड्डू या बूंदी का भोग लगाएं।
    • पाठ शुरू करने से पहले हाथ में जल लेकर अपनी मनोकामना बोलें और भगवान श्री राम का ध्यान करें।
    • कम से कम 1, 3, 5 या 7 बार बजरंग बाण का पाठ करें।
    • अंत में आरती करें।

    इन नियमों का रखें ध्यान

    • हनुमान जयंती के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
    • मांस-मदिरा का सेवन भूलकर भी न करें और मन में किसी के प्रति बुरा भाव न रखें।
    • बजरंग बाण के शब्दों का उच्चारण साफ करें।

    ॥श्री बजरंग बाण पाठ॥

    ॥ दोहा ॥

    निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान ।
    तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

    ॥ चौपाई ॥

    जय हनुमंत संत हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥
    जन के काज बिलंब न कीजै । आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥
    जैसे कूदि सिंधु महिपारा । सुरसा बदन पैठि बिस्तारा ॥
    आगे जाय लंकिनी रोका । मारेहु लात गई सुरलोका ॥
    जाय बिभीषन को सुख दीन्हा । सीता निरखि परमपद लीन्हा ॥
    बाग उजारि सिंधु महँ बोरा । अति आतुर जमकातर तोरा ॥
    अक्षय कुमार मारि संहारा । लूम लपेटि लंक को जारा ॥
    लाह समान लंक जरि गई । जय जय धुनि सुरपुर नभ भई ॥
    अब बिलंब केहि कारन स्वामी । कृपा करहु उर अन्तर्यामी ॥
    जय जय लखन प्राण के दाता । आतुर ह्वै दुःख करहु निपाता ॥
    जै गिरिधर जै जै सुख सागर । सुर-समूह-समरथ भटनागर ॥
    ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले । बैरिहि मारु बज्र की कीले ॥
    गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो॥
    ॐ कार हुंकार महाप्रभु धावो । बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो ।
    ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीशा । ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा ॥
    सत्य होहु हरि शपथ पायके । राम दूत धरु मारु जाय के ॥
    जय जय जय हनुमंत अगाधा । दुःख पावत जन केहि अपराधा ॥
    पूजा जप तप नेम अचारा । नहिं जानत हौं दास तुम्हारा ॥
    वन उपवन मग गिरि गृह माहीं । तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ॥
    पांय परौं कर जोरि मनावौं । येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥
    जय अंजनि कुमार बलवंता । शंकर सुवन वीर हनुमंता ॥
    बदन कराल काल कुल घालक । राम सहाय सदा प्रतिपालक ॥
    भूत, प्रेत, पिशाच निशाचर । अग्नि बेताल काल मारी मर ॥
    इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की । राखउ नाथ मरजाद नाम की ॥
    जनकसुता हरि दास कहावो । ताकी शपथ बिलंब न लावो ॥
    जै जै जै धुनि होत अकासा । सुमिरत होय दुसह दुःख नाशा ॥
    चरण शरण कर जोरि मनावौं । यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥
    उठु, उठु, चलु, तोहि राम दुहाई । पाँय परौं, कर जोरि मनाई ॥
    ॐ चं चं चं चं चपल चलंता । ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता ॥
    ॐ हं हं हाँक देत कपि चंचल । ॐ सं सं सहमि पराने खल दल ॥
    अपने जन को तुरत उबारो । सुमिरत होय आनंद हमरो ॥
    यह बजरंग बाण जेहि मारै । ताहि कहो फिरि कौन उबारै ॥
    पाठ करै बजरंग बाण की । हनुमत रक्षा करै प्रान की ॥
    यह बजरंग बाण जो जापै । ताते भूत-प्रेत सब कापैं ॥
    धूप देय जो जपै हमेशा । ताके तन नहिं रहै कलेशा ॥

    ॥ दोहा ॥

    प्रेम प्रतीतिहि कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान।
    तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान ॥

    यह भी पढ़ें- Hanuman Ji Mantra: हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए जपें ये सिद्ध मंत्र, पल भर में टल जाएगी हर मुसीबत

    यह भी पढ़ें- Lord Hanuman: मंगलवार के दिन करें हनुमान जी के इन मंत्रों का जप, कर्ज की मुश्किलें होंगी समाप्त

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

    खबरें और भी