यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rudraksha Ke Niyam: जान लें रुद्राक्ष से जुड़ी ये जरूरी बातें, तभी मिलेगा पूर्ण लाभ
असल में रुद्राक्ष एक सूखा फल है जो पेड़ पर उगता है। 01 से लेकर 14 मुखी रुद्राक्ष तक पाए जाते हैं जिसका अपना अपना-अपना महत्व है। इसकी उत्पत्ति को लेकर ...और पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Benefits of Rudraksha: सनातन धर्म में रुद्राक्ष को बहुत ही महत्वपूर्ण और पवित्र माना गया है। आपने कई लोगों को इसकी माला भी धारण करते हुए देखा होगा। माना जाता है कि रुद्राक्ष पहनने से व्यक्ति को जीवन में कई तरह के लाभ देखने को मिल सकते हैं। लेकिन इसका पूर्ण रूप से लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ नियमों का ध्यान रखा जाना जरूरी है, वरना इसके विपरीत परिणाम भी प्राप्त हो सकते हैं।
ऐसे उत्पन्न हुआ रुद्राक्ष
रुद्राक्ष में रुद्र का अर्थ है भगवान शिव और अक्ष का अर्थ है अश्रु। माना जाता है कि रुद्राक्ष भगवान शिव के आंसुओं से उत्पन्न हुआ है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार जब त्रिपुरासुर नमक राक्षस ने हाहाकार मचाया हुआ था, तब सभी देवी-देवता और ऋषि-मुनियों ने भगवान शिव से सहायता मांगी। भगवान शिव ध्यान में चले गए और जब उन्होंने अपनी आंखें खोली, तो उसमें से आंसू निकलें। जहां-जहां यह आंसू गिरे वहां-वहां रुद्राक्ष के पेड़ उत्पन्न हो गए। बाद में भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध कर संसार को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई।
इस दिन कर सकते हैं धारण
रुद्राक्ष को धारण करने के लिए अमावस्या, पूर्णिमा, श्रावण सोमवार और शिवरात्रि के दिन को बहुत ही शुभ माना गया है। लेकिन रुद्राक्ष धारण करने से पहले उसे दूध और सरसों के तेल से अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए। साथ ही रुद्राक्ष धारण करते समय ओम नमः शिवाय मंत्र का जब जरुर करें।
इन नियमों का रखें ध्यान
रुद्राक्ष का पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए कई तरह के नियमों का ध्यान रखा जाना जरूरी है। रात को सोने से पहले रुद्राक्ष निकाल देना चाहिए। साथ ही रुद्राक्ष धारण करके कभी भी शमशान घाट या किसी मृत्यु वाली जगह पर नहीं जाना चाहिए। ऐसे स्थान पर जाने से पहले धारण किए हुए रुद्राक्ष को निकाल दें। रुद्राक्ष धारण करके कभी मांस-मदिरा का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने पर आपको विपरीत परिणाम मिल सकते हैं।
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