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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sawan 2024: घर के मंदिर में इस विधि से करें शिवलिंग की स्थापना, दूर होगा जीवन का हर दुख

    Updated: Sat, 20 Jul 2024 01:07 PM (GMT+05:30)

    सावन माह को श्रावण माह के नाम से भी जाना जाता है। इस दौरान लोग भगवान शिव की पूजा अत्यधिक भक्ति और समर्पण के साथ करते हैं। इस बार सावन की शुरुआत 22 जुल ...और पढ़ें

    Sawan 2024: शिवलिंग स्थापना के नियम -
    Sawan 2024: शिवलिंग स्थापना के नियम -

    HighLights

    1. सावन माह को श्रावण माह के नाम से भी जाना जाता है।
    2. इस दौरान लोग भगवान शिव की पूजा अत्यधिक भक्ति और समर्पण के साथ करते हैं।
    3. इस बार सावन की शुरुआत 22 जुलाई से होगी।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सावन को सबसे पावन महीना माना जाता है। यह पूरा महीना भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान शिव पूजन करने से जीवन के सभी कष्टों का अंत होता है। साथ ही शिव परिवार का आशीर्वाद सदैव के लिए प्राप्त होता है। इस साल सावन माह की शुरुआत 22 जुलाई से होगी।

    ऐसे में जो शिव भक्त अपने घर में शिवलिंग की स्थापना करने की सोच रहे हैं, वे सावन माह (Sawan 2024) में कर सकते हैं, तो आइए इसके नियम को जानते हैं, जो इस प्रकार है -

    शिवलिंग स्थापना के नियम

    • यदि आप शिवलिंग की स्थापना करना चाहते हैं, तो आपको सावन माह में करना चाहिए।
    • यह इस शुभ कार्य के लिए बेहद कल्याणकारी माना जाता है।
    • सबसे पहले तन और मन को पूर्ण रूप से शुद्ध करें।
    • घर पर अंगूठे के आकार के शिवलिंग की स्थापना करें।
    • ज्यादा बड़ी शिवलिंग घर पर स्थापित नहीं करनी चाहिए।
    • घर में पारद व चांदी के शिवलिंग की स्थापना करें।
    • शिवलिंग की स्थापना किसी जानकार पुरोहित से ही करवाएं।
    • शिवलिंग की स्थापना के दौरान घर के सभी सदस्य को वहां मौजूद होना चाहिए।
    • स्थापना के बाद उसका रुद्राभिषेक अवश्य करवाना चाहिए।
    • इस दौरान तामसिक चीजों से परहेज करें।
    • शिवलिंग की स्थापना के बाद उसकी रोजाना पूजा करें।

    महामृत्युंजय मंत्र

    ''ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥''

    शिव नमस्कार मंत्र

    ''शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।।

    ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिमहिर्बम्हणोधपतिर्बम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।।''

    शिव गायत्री मंत्र

    ''।। ओम तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात ।।''

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