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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sawan 2024: सावन का तीसरा सोमवार आज, ऐसे करें शिव जी की पूजा, नोट करें संपूर्ण जानकारी

    Updated: Mon, 05 Aug 2024 09:35 AM (IST)

    सावन सोमवार का हिंदुओं के बीच बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस दिन शिव भक्त सुबह से शाम तक सख्त उपवास का पालन करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि यह द ...और पढ़ें

    Sawan 2024: सावन सोमवार पूजन नियम -
    Sawan 2024: सावन सोमवार पूजन नियम -

    HighLights

    1. सावन के सोमवार का हिंदुओं में बड़ा धार्मिक महत्व है।
    2. सावन माह अपने आप में बहुत महत्व रखता है।
    3. यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन के सोमवार का हिंदुओं में बड़ा धार्मिक महत्व है। सावन माह अपने आप में बहुत महत्व रखता है। यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है। इस शुभ दिन पर साधक उपवास रखते हैं और बड़ी भक्ति और समर्पण के साथ भगवान शिव की आराधना करते हैं।

    आज यानी 5 अगस्त, 2024 को सावन का तीसरा सोमवार (Sawan 2024 Third Somwar) मनाया जा रहा है, तो आइए इस दिन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों को जानते हैं -

    शिव जी को लगाएं ये भाग

    केसर की खीर और मालपुआ

    अवश्य अर्पित करें ये चीजें

    बेलपत्र, धतूरा, भांग, कनेर का फूल।

    पूजन नियम

    • भक्त इस शुभ दिन पर सुबह से शाम तक अत्यधिक भक्ति और समर्पण के साथ उपवास करें।
    • तामसिक चीजों से परहेज करें।
    • भगवान शिव का पंचामृत और अन्य पवित्र चीजों जैसे- चंदन का लेप, गन्ने का रस आदि से अभिषेक करें, इससे आत्मा, मन की शुद्धि होती है।
    • भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र और पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें।
    • भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र, कनेर के फूल, धतूरा, भाग आदि चीजें शामिल करें।
    • सोमवार व्रत कथा का पाठ करें।
    • इस दिन भजन-कीर्तन जैसी विभिन्न धार्मिक गतिविधियों में शामिल होना शुभ माना जाता है।

    शुभ योग

    हिंदू पंचांग के अनुसार, अमृत काल दोपहर 01 बजकर 38 मिनट से 03 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 41 मिनट से 03 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस शुभ समय पर पूजा-पाठ करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही यह समय किसी भी नए कार्य के लिए भी अच्छा माना जाता है।

    पंचाक्षरी मंत्र

    ॐ नम: शिवाय।।

    शिव नमस्कार मंत्र

    शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।।

    ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिमहिर्बम्हणोधपतिर्बम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।