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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sawan 2025: सावन में न करें गलतियां, होगा भारी नुकसान, जरूर रखें इन बातों का ध्यान

    Updated: Sat, 28 Jun 2025 01:44 PM (IST)

    सावन (Sawan 2025) का महीना भगवान शिव को समर्पित है जो 11 जुलाई 2025 से शुरू होकर 09 अगस्त 2025 तक चलेगा। वहीं इस माह को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं ...और पढ़ें

    Sawan 2025: सावन में न करें ये गलतियां।
    Sawan 2025: सावन में न करें ये गलतियां।

    HighLights

    1. सावन का महीना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
    2. सावन हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना है।
    3. यह भगवान शिव को समर्पित है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। यह बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान शिव भक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और सभी सोमवार का व्रत करते हैं। ताकि भोलेनाथ की कृपा मिल सके। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल सावन माह 11 जुलाई, 2025 से शुरू होगा। वहीं, इसका (Sawan 2025) समापन अगले महीने यानी 09 अगस्त, 2025 को होगा, तो आइए इस महीने से जड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार है।

    सावन में न करें ये गलतियां (Sawan 2025 Dos And Donts)

    • मांस-मदिरा का सेवन - सावन के महीने में मांस-मदिरा यानी सभी तरह के तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इससे भगवान शिव नाराज होते हैं और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
    • बाल और दाढ़ी न कटवाएं - सावन में बाल और दाढ़ी कटवाने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से दुर्भाग्य आ सकता है। यह एक प्रकार से तपस्या और त्याग का प्रतीक है, जिसमें व्यक्ति अपनी बाहरी सुंदरता पर ध्यान न देकर अपनी आत्मा को शुद्ध करता है।
    • अहंकार और क्रोध - सावन के महीने में व्यक्ति को अपने मन पर नियंत्रण रखना चाहिए। अहंकार, क्रोध और दूसरों का अपमान करने से बचना चाहिए, क्योंकि भगवान शिव शांत और सरल स्वभाव के देवता हैं।
    • अपशब्दों का प्रयोग - इस पवित्र माह में किसी भी व्यक्ति के लिए अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। वाणी पर संयम रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि कटु वचन बोलने से न केवल संबंधों में कड़वाहट आती है, बल्कि धार्मिक रूप से भी इसे गलत माना जाता है।
    • तुलसी का सेवन - भगवान शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता है, क्योंकि तुलसी को भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है। इसलिए सावन में शिव पूजा के दौरान शिवलिंग पर तुलसी अर्पित करने से बचें।
    • दूध का अपमान - सावन में दूध का सेवन तो किया जाता है, लेकिन इसे व्यर्थ बहाना या इसका अनादर करना अशुभ माना जाता है। वहीं, शिवलिंग पर दूध चढ़ाने का विशेष महत्व है, इसलिए दूध का उपयोग सोच-समझकर करें।
    • दिन में सोना - सावन के महीने में दिन में सोने से बचना चाहिए। इस दौरान भगवान शिव की भक्ति और ध्यान में समय बिताना चाहिए।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।