यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Shardiya Navratri 2023: नवरात्र में मां दुर्गा के स्वरूपों को अर्पित करें ये फूल, मिलेगा समृद्धि का आशीर्वाद
Shardiya Navratri Puja नवरात्र का यह समय आदि शक्ति मां दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित है। इस दौरान साधक माता दुर्गा के रूपों की पूजा-अर्चना और व्रत द्व ...और पढ़ें

HighLights
- आश्विन मास की नवरात्र को शारदीय नवरात्र भी कहते हैं।
- नवरात्र में माता दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है।
- नवरात्रि पर मां दुर्गा के नौ रूपों को अर्पित करें ये फूल।
नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Sharad Navratri 2023: आश्विन मास के नवरात्र को शारदीय नवरात्र के नाम से जाना जाता है जिसका समापन दशमी तिथि पर मां दुर्गा विसर्जन के साथ होता है। वर्ष 2023 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्टूबर, रविवार के दिन से हुई थी। माता रानी की कृपा प्राप्ति के लिए यह समय सबसे उत्तम माना जाता है। ऐसे में आप माता दुर्गा के नौ स्वरूपों को ये फूल अर्पित कर सकते हैं।
पहले दिन चढ़ाएं ये दिन
नवरात्र का पहला दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। मां शैलपुत्री को गुड़हल का लाल फूल और सफेद कनेर का फूल चढ़ाना बहुत-ही शुभ माना जाता है।
नवरात्र का दूसरा दिन
नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को वट वृक्ष के फूल अर्पित करने चाहिए। इससे माता का आशीर्वाद साधक को प्राप्त होता है।
नवरात्र का तीसरा दिन
नवरात्र का तीसरा दिन मां के चंद्रघंटा की आराधना के लिए समर्पित है। इस दिन आप मां चंद्रघंटा को उनका प्रिय कमल का फूल जरूर अर्पित करें। इससे साधक को जीवन में सफलता हासिल होती है।
नवरात्र का चौथा दिन
नवरात्र का चौथा मां कुष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में मां कुष्मांडा को पीले रंग के फूल या चमेली के फूल अर्पित करने चाहिए। इससे व्यक्ति को आरोग्य जीवन की प्राप्ति होती है।
नवरात्र का पांचवा दिन
मां स्कंदमाता की आराधना नवरात्र के पांचवे दिन की जाती है। मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा नवरात्रि के पांचवें दिन की जाती है. मां को पीले रंग के फूल बहुत पसंद हैं. मां खुश होती हैं और सुख-सम्पन्नता का आशीर्वाद देती हैं।
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नवरात्र का छठवां दिन
मां दुर्गा का छठवां स्वरूप मां कात्यायनी हैं, जिसकी पूजा नवरात्र के छठवें दिन की जाती है। ऐसे में मां कात्यायनी की कृपा प्राप्त करने के लिए उन्हें गेंदे के फूल अर्पित करने चाहिए।
सातवें दिन चढ़ाएं ये फूल
नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। ऐसे में मां कालरात्रि की पूजा के दौरान आप उन्हें नीले रंग के फूल अर्पित करने चाहिए।
नवरात्र का आंठवा दिन
नवरात्र का आंठवा दिन मां महागौरी को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी महागौरी को मोगरे के फूल अति प्रिय हैं। ऐसे में पूजा के दौरान माता महागौरी को मोगरे के फूल अर्पित करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
नवरात्र का नौवां दिन
मां दुर्गा का नौवां स्वरूप मां सिद्धिदात्री है। नवरात्र के आखिरी यानी नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है। ऐसे में मां सिद्धिदात्री के चरणों में चंपा और गुड़हल के फूल अर्पित किए जा सकते हैं।
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