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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Shardiya Navratri 2024: नवरात्र में कब है अष्टमी और महानवमी, जरूर जान लें ये बातें

    Updated: Tue, 24 Sep 2024 04:51 PM (GMT+05:30)

    नवरात्र हिंदू धर्म के मुख्य व्रत-त्योहारों में से एक मानें जाते हैं। इस बार गुरुवार 03 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। नवरात्र में अष् ...और पढ़ें

    Shardiya Navratri 2024 नवरात्र में कब है अष्टमी और महानवमी?
    Shardiya Navratri 2024 नवरात्र में कब है अष्टमी और महानवमी?

    HighLights

    1. आश्विन माह में मनाए जाते हैं शारदीय नवरात्र।
    2. नौ दिनों तक की जाती है मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा।
    3. महत्वपूर्ण माना जाता है अष्टमी और नवमी का व्रत।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। साल में 4 बार नवरात्र मनाए जाते हैं, जिनमें से दो गुप्त नवरात्र होते हैं और दो प्रकट नवरात्र के रूप में मनाए जाते हैं। प्रकट नवरात्र आश्विन और चैत्र माह में आती हैं। आश्विन माह में आने वाली शारदीय नवरात्र को विशेष महत्व दिया जाता है, क्योंकि कई साधक इन दोनों तिथियों पर कन्या पूजन करते हैं। इन नौ दिनों की अवधि में मां दुर्गा के नौ रूपों की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है।

    घट स्थापना शुभ मुहूर्त (Ghatasthapana Muhurta)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 03 अक्टूबर, 2024 को रात 12 बजकर 18 मिनट पर हो रही है। साथ ही इस तिथि का समापन 04 अक्टूबर को रात 02 बजकर 58 मिनट पर होने जा रहा है। ऐसे में उदया तिथि के मुताबिक, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार 03 अक्टूबर से होगी। नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना का विधान है। ऐसे में घट स्थापना का शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है -

    घटस्थापना मुहूर्त - सुबह 06 बजकर 15 मिनट से 07 बजकर 22 मिनट तक

    घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक

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    इस दिन किया जाएगा अष्टमी और नवमी व्रत (Ashtami aur maha navami kab hai)

    अष्टमी तिथि 10 अक्टूबर को सुबह 07 बजकर 29 मिनट से शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 11 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 12 अक्टूबर की प्रातः 05 बजकर 47 मिनट तक रहने वाली है। इस बार सप्तमी और अष्टमी तिथि एक ही दिन पड़ रही है, ऐसी स्थिति में अष्टमी व्रत करना शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में इस बार अष्टमी और नवमी का व्रत एक ही दिन यानी शुक्रवार, 11 अक्टूबर को किया जाएगा।

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