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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sheetala Saptami 2025: शीतला सप्तमी पर इस विधि से करें मां शीतला की पूजा, जानिए मंत्र, भोग से लेकर सबकुछ

    Updated: Fri, 21 Mar 2025 09:46 AM (IST)

    शीतला सप्तमी (Sheetala Saptami 2025) का व्रत अपने आप में बहुत फलदायी माना गया है। इसे बासौड़ा के नाम से भी जाना जाता है। इस पावन तिथि पर लोग उपवास रखत ...और पढ़ें

    Sheetala Saptami 2025: शीतला सप्तमी पूजा विधि।
    Sheetala Saptami 2025: शीतला सप्तमी पूजा विधि।

    HighLights

    1. शीतला सप्तमी का दिन मां शीतला को समर्पित है।
    2. इसे बासौड़ा के नाम से भी जाना जाता है।
    3. इस पावन तिथि पर लोग उपवास रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शीतला सप्तमी व्रत का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। यह देवी शीतला की पूजा के लिए समर्पित है, जिन्हें शीतलता और स्वास्थ्य की देवी माना जाता है। शीतला सप्तमी का व्रत हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को रखा जाता है। आमतौर पर यह पर्व होली के बाद मनाया जाता है। इस साल यह व्रत (Sheetala Saptami 2025) 21 मार्च यानी आज के दिन मनाया जा रहा है।

    इस दिन जो साधक व्रत व पूजन कर रहे हैं, उनकी पूजा में किसी तरह का विघ्न न पड़े इसलिए यहां पर पूजा से जुड़ी सभी तरह की जानकारी दी गई है, आइए जानते हैं।

    शीतला सप्तमी का धार्मिक महत्व (Sheetala Saptami 2025 Significance)

    शीतला सप्तमी का व्रत मुख्य रूप से उत्तर भारत में ज्यादा प्रसिद्ध है। इस दिन लोग माता शीतला की पूजा करते हैं और उनसे अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि देवी शीतला भक्तों के सभी कष्टों को दूर करती हैं। साथ ही सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं।

    शीतला सप्तमी शुभ योग और पूजा मुहूर्त (Sheetala Saptami 2025 Puja Muhurat)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। रवि योग सुबह 06 बजकर 41 मिनट से 22 मार्च देर रात 01 मार्च सुबह 46 मिनट तक रहेगा। वहीं, शीतला सप्तमी का पूजा मुहूर्त सुबह 06 बजकर 41 मिनट से शाम 06 बजकर 49 मिनट तक था, लेकिन आप इन शुभ योग में भी पूजा कर सकते हैं।

    शीतला सप्तमी 2025 की पूजा विधि (Sheetala Saptami 2025 Puja Vidhi)

    • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें।
    • एक वेदी पर मां शीतला की मूर्ति स्थापित करें।
    • माता को जल, हल्दी, चंदन, सिंदूर और फूल आदि चीजें अर्पित करें।
    • ठंडा भोजन, जैसे कि चावल, दही और मिठाई आदि का भोग लगाएं।
    • शीतला माता की कथा सुनें या पढ़ें।
    • अंत में आरती करें।
    • पूजा के बाद परिवार के सदस्यों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
    • घर के बड़ों का आशीर्वाद लें।

    शीतला सप्तमी पूजन मंत्र (Sheetala Saptami 2025 Pujan Mantra)

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    • ।। "ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः"।।

    मां शीतला को लगाएं ये भोग (Sheetala Saptami 2025 Bhog List)

    शीतला सप्तमी के शुभ अवसर पर देवी शीतला को ठंडा भोजन अर्पित किया जाता है। इस तिथि पर भक्त बासी भोजन खाते हैं, जिसे एक दिन पहले बनाया जाता है। इसमें चावल, दही, मिठाई और अन्य ठंडी चीजें शामिल होती हैं।

    शीतला सप्तमी में क्या करें और क्या न करें (Sheetala Saptami 2025 Dos  And Donts)

    • इस दिन घर में ताजा भोजन नहीं बनाया जाता है।
    • इस दिन ठंडा और बासी भोजन किया जाता है।
    • इस दिन घर साफ रखना चाहिए।
    • इस तिथि पर माता शीतला की पूजा करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
    • शीतला माता की पूजा करते समय 'ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः' मंत्र का जाप करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।