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    आप भी सावन में हरी चूड़ियां पहन रही हैं? तो पहले जान लीजिए ये छोटा सा लेकिन जरूरी नियम

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 02:15 PM (IST)

    सावन 2026 में हरी चूड़ियों का विशेष महत्व है, जो सुहागिन महिलाओं के लिए समृद्धि, भक्ति और शिव-पार्वती के आशीर्वाद का प्रतीक हैं। ...और पढ़ें

    सावन के महीने में हरी चूड़ियों का आध्यात्मिक महत्व (Picture Credits- AI Image)

    सावन के महीने में हरी चूड़ियों का आध्यात्मिक महत्व (Picture Credits- AI Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। इस साल भगवान शिव का महीना और हिंदू धर्म में सबसे पवित्र मास श्रावण की शुरुआत 30 जुलाई 2026, गुरुवार से हो रही है। हिंदू धर्म में सावन का महीना बेहद खास माना जाता है, क्योंकि चारों और हरियाली, पेड़-पौधे, सुहाना मौसम और शिव भक्ति करते हुए लोग इसे बाकी महीनों की तुलना में बेहद खास बना देते हैं। सावन मास के दौरान शादीशुदा महिलाएं हाथों में हरे रंग की चूड़िया पहनती हैं।

    हिंदू धर्म से जुड़ी मान्यताओं के मुताबिक, हरी चूड़ियां सिर्फ एक सुंदरता से जुड़ी परंपरा ही नहीं हैं, बल्कि ये श्रावण के पवित्र महीने में समृद्धि, भक्ति, सद्भाव और भगवान शिव व माता पार्वती के दिव्य आशीर्वाद का प्रतीक भी है। आइए जानते हैं सावन 2026 में ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हरी चूड़ियां पहनने का सही तरीका क्या है?

    श्रावण मास में हरी चूड़िया पहनने का सही तरीका?

    श्रावण जिसे आमतौर पर सावन भी कहा जाता है, में सुहागिन महिलाओं के बीच हरी चूड़ियों का खास महत्व है। पारंपरिक रूप से इन्हें खुशहाली, आपसी तालमेल, वैवाहिक संबंध, और शादीशुदा जीवन से जोड़ा जाता है। इस पवित्र महीने में भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा में महिलाएं इन्हें पहनती हैं।

    सावन में हरी चूड़िया कब पहनें?

    सावन के महीने में हरी चूड़िया पहनने के लिए कुछ खास दिनों को ध्यान में रखकर पहनना अधिक शुभ माना जाता है।

    श्रावण मास के पहले सोमवार को हरी चूड़िया पहनना शुभ होता है।

    इसके अलावा शुक्रवार को, क्योंकि वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार का दिन प्रेम संबंध, मधुरता, दापंत्य जीवन का कारक माना जाता है।

    महिलाओं को सावन माह में स्नान करने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए और फिर श्रद्धापूर्वक हाथों में हरी चूड़िया पहननी चाहिए।

    सावन मे हरी चूड़ियों का महत्व

    चूड़िया पहनने से पहले क्या करें?

    महिलाओं को हरी चूड़िया पहनने से पहले इन्हें भगवान शिव और माता पार्वती के सामने रखना चाहिए। अपनी पूजा करने के बाद भगवान से आशीर्वाद मांगे और फिर अटूट विश्वास के साथ इन चूड़ियों को पहन लें।

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    महिलाओं को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?

    सावन महीने के दौरान महिलाओं को इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि, अगर कोई चूड़ी टूट या क्रेक हो चुकी है, उसे सम्मानपूर्वक उतारकर नई चूड़िया पहन लेनी चाहिए।

    सावन मास में महिलाओं को हरी चूड़ियों के साथ सुहाग से जुड़े दूसरे प्रतीकों को भी सम्मान करना चाहिए। इसमें मंगलसूत्र, सिंदूर, बिंदी और बिछिया शामिल है।

    क्या अविवाहित लड़कियां हरी चूड़ियां पहन सकती हैं?

    पारंपरिक मान्यताओं के मुताबिक, कुंवारी लड़कियां भी श्रावण मास के दौरान हरी चूड़ियां पहन सकती हैं। कई रीति-रिवाजों में हरे रंग को सुख-समृद्धि और उत्पत्ति का रंग माना जाता है। इसके अलावा इस रंग को मां पार्वती के आशीर्वाद से भी जोड़कर देखा जाता है।

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।