Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Surya Arghya Vidhi: सूर्य देव को अर्घ्य देते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां, यहां पढ़ें पूरी विधि

    Updated: Wed, 14 Jan 2026 04:00 PM (IST)

    रोजाना या फिर रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा करना व उन्हें अर्घ्य देना बहुत ही लाभकारी माना गया है। ऐसा करने से कुंडली में सूर्य की मजबूत होती है, जि ...और पढ़ें

    सूर्य अर्घ्य विधि (AI Generated Image)

    सूर्य अर्घ्य विधि (AI Generated Image)

    HighLights

    1. सूर्य देव को अर्घ्य देने की सही विधि जानें।

    2. तांबे के लोटे और लाल फूल का प्रयोग करें।

    3. सूर्य मंत्रों का जाप कर सुख-समृद्धि पाएं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सूर्यदेव को आत्मा का कारक माना जाता है और रविवार का दिन उनकी आराधना के लिए समर्पित है। अगर आप भी रविवार या फिर रोजाना सूर्य देव को अर्घ्य देने हैं, तो ये बातें जरूर जान लें, ताकि आपको इसका पूरा लाभ मिल सके।

    इस तरह दें अर्घ्य

    सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं और यदि संभव हो तो लाल या सफेद रंग के वस्त्र पहनें। इसके बाद एक तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल, अक्षत (साबुत चावल) व रोली डालें। अब उगते हुए सूर्य की तरफ मुख करके यानी पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हो जाएं।

    हाथ में लोटा लेकर दोनों हाथों को अपने सिर से ऊपर ले जाएं और अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय ॐ घृणि सूर्याय नमः या ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः मंत्र का जप करत रहें। अंत में सूर्य देव को नमस्कार करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।

    surya arghya i

    रखें इन बातों का ध्यान

    सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए हमेशा तांबे के लोटे का ही इस्तेमाल करना चाहिए। ध्यान रहें कि अर्घ्य देते समय जल आपके पैरों में न गिरे। जल इस तरह चढ़ाएं कि वह किसी पात्र या गमले में गिरे। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि जल की पतली धारा से सूर्य दिखाई दें। इन बातों का ध्यान रखने से आपको जल अर्पित करने का पूरा लाभ मिल सकता है।

    खबरें और भी

    कर सकते हैं ये काम

    सूर्य देव की कृपा प्राप्ति के लिए आप रविवार के दिन सूर्यदेव के मंत्रों के साथ-साथ और सूर्याष्टकम या फिर आदित्य हृदय स्तोत्र (Aditya Hridaya Stotra) का भी पाठ कर सकते हैं। ऐसा करने से जातक पर सूर्य देव की कृपा बनी रहती है और उसे जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

    surya-arghya I

    सूर्य देव के मंत्र

    1. ॐ सूर्यनारायणायः नमः।

    2. ऊँ घृणि सूर्याय नमः

    3. 'ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्य प्रचोदयात'

    4. सूर्य के 12 मंत्र -

    ॐ आदित्याय नमः।
    ॐ सूर्याय नमः।
    ॐ रवेय नमः।
    ॐ पूषणे नमः।
    ॐ दिनेशाय नमः।
    ॐ सावित्रे नमः।
    ॐ प्रभाकराय नमः।
    ॐ मित्राय नमः।
    ॐ उषाकराय नमः।
    ॐ भानवे नमः।
    ॐ दिनमणाय नमः।
    ॐ मार्तंडाय नमः।

    यह भी पढ़ें -  Surya Gochar 2026: सूर्य के गोचर से इन 4 राशियों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी, जानें अपनी राशि का हाल

    यह भी पढ़ें - साल 2026 में आसमान में दिखेंगे 4 ग्रहण, भारत में सिर्फ एक का दिखेगा असर; ज्योतिषाचार्य ने बताया-क्या बदल जाएगा?

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।