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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Surya Puja Vidhi: सर्दियों में नहीं दिखाई दे रहे सूर्य देव, तो किस तरह अर्पित करें जल?

    Updated: Thu, 02 Jan 2025 08:11 AM (IST)

    ग्रहों का राजा सूर्य देव को जल अर्पित करने का विशेष महत्व माना गया है। इससे साधक को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और करियर कारोबार में भी लाभ देखने ...और पढ़ें

    Surya Puja Vidhi: सूर्य देव को जल अर्पित करने की विधि।
    Surya Puja Vidhi: सूर्य देव को जल अर्पित करने की विधि।

    HighLights

    1. सूर्य देव को रोजाना अर्घ्य देने से मिलते हैं कई लाभ।
    2. कुंडली में मजबूत होती है सूर्य ग्रह की स्थिति।
    3. करियर-कारोबार में देखने को मिलती है उन्नति।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ऐसा माना जाता है कि रोजाना सूर्योदय के समय सूर्य देव को जल अर्पित करने से कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, जिससे साधक को जीवन में कई लाभ देखने को मिलते हैं। खासकर रविवार के दिन ऐसा करना काफी लाभदायक माना जाता है। कभी-कभी कुछ कारणों से सूर्य नहीं दिखाई देता। ऐसे में यह समस्या खड़ी हो जाती है कि सूर्य देव को जल अर्पित कैसे किया जाए। ऐसे में चलिए जानते हैं कि इस स्थिति में क्या किया जाए।

    इस तरह दें अर्घ्य

    सर्दियों में अगर सूर्य देव दिखाई न दे रहे हों, तो ऐसे में आप इस विधि से सूर्य देव को जल अर्पित कर सकते हैं। इसके लिए सूर्योदय के समय यानी लगभग सुबह 06 बजकर 15 मिनट से लेकर 06 बजकर 45 मिनट के बीच पूर्व दिशा (जिस दिशा से सूर्योदय होता है) की ओर अपना मुख करके सूर्य देव का ध्यान करके जल अर्पित कर सकते हैं। इसके लिए तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल रंग के फूल, कुमकुम और अक्षत (अखंडित चावल) डालें। जल चढ़ाते समय ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:' मंत्र का जप करते रहें।

    सूर्य देव के मंत्र

    • ॐ सूर्याय नम:
    • ॐ घृणि सूर्याय नम:
    • ॐ हृां मित्राय नम:
    • ॐ ह्रां भानवे नम:
    • ॐ हृों खगाय नम:
    • ॐ हृ: पूषणे नमः
    • ॐ ह्रां हिरण्यगर्भाय नमः

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    इन बातों का रखें ध्यान

    सूर्य देव को जल अर्पित करते समय हमेशा तांबे के लोटे का ही प्रयोग करें। इसके लिए स्टील के लोटे का इस्तेमाल करना शुभ नहीं माना जाता। इसी के साथ आप प्रतिदिन सुबह सूर्य देव की प्रतिमा या तस्वीर के दर्शन भी कर सकते हैं। इससे भी व्यक्ति को सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है।

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