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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Shiv Puja: महादेव को प्रसन्न करने के लिए करें इस चमत्कारी स्तोत्र का पाठ, धन-दौलत से भरी रहेगी तिजोरी

    By Jagran News Edited By: Vaishnavi Dwivedi
    Updated: Mon, 26 Feb 2024 07:00 AM (IST)

    सोमवार के दिन भगवान शंकर की पूजा का विधान है जो भक्त शिव परिवार की पूजा भाव के साथ करते हैं उनकी सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। इसके अलावा इस दिन विधि वि ...और पढ़ें

    Uma Maheshwar Stotra: ऐसे करें उमा महेश्वर स्तोत्र का पाठ
    Uma Maheshwar Stotra: ऐसे करें उमा महेश्वर स्तोत्र का पाठ

    HighLights

    1. देवों के देव महादेव की पूजा बेहद शुभ मानी गई है।
    2. सोमवार का दिन भोलेनाथ की पूजा के लिए समर्पित है।
    3. शिव जी की पूजा से सभी परेशानियों का अंत होता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Uma Maheshwar Stotra: देवों के देव महादेव की पूजा बेहद शुभ मानी गई है। सोमवार का दिन भोलेनाथ की पूजा के लिए समर्पित है, जो साधक शिव परिवार की आराधना भाव के साथ करते हैं उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

    इसके अलावा इस दिन विधि विधान के साथ महादेव और माता पार्वती की पूजा करने के बाद उमा महेश्वर स्तोत्र का पाठ करना बेहद कल्याणकारी माना गया है, तो आइए यहां करते हैं -

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    ॥उमा महेश्वर स्तोत्र॥

    नमः शिवाभ्यां नवयौवनाभ्याम्, परस्पराश्लिष्टवपुर्धराभ्याम् ।

    नागेन्द्रकन्यावृषकेतनाभ्याम्, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    नमः शिवाभ्यां सरसोत्सवाभ्याम्, नमस्कृताभीष्टवरप्रदाभ्याम् ।

    नारायणेनार्चितपादुकाभ्यां, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    नमः शिवाभ्यां वृषवाहनाभ्याम्, विरिञ्चिविष्ण्विन्द्रसुपूजिताभ्याम् ।

    विभूतिपाटीरविलेपनाभ्याम्, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    नमः शिवाभ्यां जगदीश्वराभ्याम्, जगत्पतिभ्यां जयविग्रहाभ्याम् ।

    जम्भारिमुख्यैरभिवन्दिताभ्याम्, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    नमः शिवाभ्यां परमौषधाभ्याम्, पञ्चाक्षरी पञ्जररञ्जिताभ्याम् ।

    प्रपञ्चसृष्टिस्थिति संहृताभ्याम्, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    नमः शिवाभ्यामतिसुन्दराभ्याम्, अत्यन्तमासक्तहृदम्बुजाभ्याम् ।

    अशेषलोकैकहितङ्कराभ्याम्, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    नमः शिवाभ्यां कलिनाशनाभ्याम्, कङ्कालकल्याणवपुर्धराभ्याम् ।

    कैलासशैलस्थितदेवताभ्याम्, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    नमः शिवाभ्यामशुभापहाभ्याम्, अशेषलोकैकविशेषिताभ्याम् ।

    अकुण्ठिताभ्याम् स्मृतिसम्भृताभ्याम्, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    नमः शिवाभ्यां रथवाहनाभ्याम्, रवीन्दुवैश्वानरलोचनाभ्याम् ।

    राकाशशाङ्काभमुखाम्बुजाभ्याम्, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    नमः शिवाभ्यां जटिलन्धरभ्याम्, जरामृतिभ्यां च विवर्जिताभ्याम् ।

    जनार्दनाब्जोद्भवपूजिताभ्याम्, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    नमः शिवाभ्यां विषमेक्षणाभ्याम्, बिल्वच्छदामल्लिकदामभृद्भ्याम्

    शोभावती शान्तवतीश्वराभ्याम्, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    नमः शिवाभ्यां पशुपालकाभ्याम्, जगत्रयीरक्षण बद्धहृद्भ्याम् ।

    समस्त देवासुरपूजिताभ्याम्, नमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥

    स्तोत्रं त्रिसन्ध्यं शिवपार्वतीभ्याम्, भक्त्या पठेद्द्वादशकं नरो यः ।

    स सर्वसौभाग्य फलानि भुङ्क्ते, शतायुरान्ते शिवलोकमेति ॥

    भगवान शंकर का पूजन मंत्र

    • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

      उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    • ।। ओम तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात ।।
    • शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।।

      ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिमहिर्बम्हणोधपतिर्बम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।।

    भोलेनाथ का नामावली मंत्र

    श्री शिवाय नम:

    श्री शंकराय नम:

    श्री महेश्वराय नम:

    श्री सांबसदाशिवाय नम:

    श्री रुद्राय नम:

    ओम पार्वतीपतये नम:

    ओम नमो नीलकण्ठाय नम:

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