यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Vaman Dwadashi 2024: आज मनाई जा रही है वामन द्वादशी, इस विधि से करें श्री हरि विष्णु के प्रथम अवतार वामन देव की पूजा
वामन देव की पूजा का हिंदुओं में बहुत महत्व है। भगवान वामन श्री हरि के अवतार हैं जो बौने ब्राह्मण के रूप में पृथ्वी पर प्रकट हुए थे। उन्होंने देवताओं औ ...और पढ़ें

HighLights
- वामन द्वादशी का दिन बेहद शुभ माना गया है।
- यह दिन विष्णु जी के पहले अवतार वामन भगवान की पूजा के लिए समर्पित है।
- यह पर्व हर साल 2 बार मनाया जाता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Vaman Dwadashi 2024: वामन द्वादशी का दिन बेहद शुभ माना गया है। यह पर्व हर साल 2 बार मनाया जाता है। एक चैत्र मास की द्वादशी तिथि को और दूसरा भाद्रपद माह की द्वादशी तिथि को। इस बार यह 20 अप्रैल, 2024 दिन शनिवार यानी आज मनाया जा रहा है। यह दिन विष्णु जी के पहले अवतार वामन भगवान की पूजा के लिए समर्पित है।
ऐसा कहा जाता है कि जो लोग इस दिन श्री हरि के प्रथम अवतार वामन देव की पूजा करते हैं, उन्हें हर सुख और वैभव की प्राप्ति होती है, तो आइए इस दिन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों को जानते हैं, जो यहां दी गई है -

वामन देव पूजा विधि
- साधक सुबह जल्दी उठें और भगवान वामन की पूजा करने से पहले पवित्र स्नान करें।
- उनकी प्रतिमा को एक वेदी पर भाव के साथ स्थापित करें।
- पवित्र गंगाजल से स्नान करवाएं।
- हल्दी का तिलक लगाएं।
- फिर पीले फूलों की माला अर्पित करें।
- पीले वस्त्र अर्पित करें।
- शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं।
- भगवान वामन को फल और मिठाई का भोग लगाएं।
- पूरे दिन का उपवास कर शाम को वामन कथा का पाठ करें।
- आरती से पूजा को समाप्त करें।
- वैदिक मंत्रों का जाप करें।
- इसके अलावा कुछ दान-पुण्य जरूर करें।
वामन देव की पूजा का महत्व
वामन देव की पूजा का हिंदुओं में बहुत महत्व है। भगवान वामन श्री हरि के अवतार हैं, जो बौने ब्राह्मण के रूप में पृथ्वी पर प्रकट हुए थे। उन्होंने देवताओं और राक्षसों के बीच शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए अवतार लिया था। वामन द्वादशी पर वामन देव की पूजा होती है। यह एक ऐसा दिन है जो बुराई पर अच्छाई और अहंकार पर भक्ति की जीत का प्रतीक है।
ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान वामन की पूजा करने से भक्त मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं और अपने पिछले जन्म के सभी पापों और कष्टों से छुटकारा पा सकते हैं। इसके अलावा भगवान विष्णु उन्हें सभी सांसारिक सुखों और खुशियों का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें: Maa Kali Pujan: शनिवार को करें माता काली की विशेष पूजा, होगी गुप्त शत्रुओं से रक्षा
डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी'।