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    दर्पण और शनि देव का संबंध: सुख-समृद्धि के लिए घर में किस दिशा में लगाएं शीशा?

    Updated: Sun, 07 Jun 2026 08:30 PM (IST)

    घर में शीशे का सही स्थान जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है और शनि देव को भी प्रभावित करता है। उत्तर या पूर्व दिशा में शीशा लगाना शुभ माना जाता है, जबकि दक् ...और पढ़ें

    शनि देव की कृपा चाहिए? तो घर में इस जगह कभी न लगाएं शीशा (Picture Credit AI- Generated Image)

    शनि देव की कृपा चाहिए? तो घर में इस जगह कभी न लगाएं शीशा (Picture Credit AI- Generated Image)

    HighLights

    1. शीशे का सही स्थान शनि देव को मजबूत करता है।

    2. उत्तर या पूर्वी दीवार पर दर्पण लगाना अत्यंत शुभ।

    3. दक्षिण दिशा या बिस्तर के सामने शीशा न लगाएं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हमारे घर में रखी प्रत्येक वस्तु में एक खास ऊर्जा होती है, जिसका हमारे जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में लगा शीशा सिर्फ चेहरा देखने के लिए काम नहीं आता है, बल्कि यह ऊर्जा को अपनी तरफ आकर्षित और रिफलेक्ट भी करता है।

    शीशे का सही स्थान हमारे जीवन में कर्म, अनुशासन और स्थिरता के कारण शनि ग्रह को भी मजबूत करने का काम करता है। जबकि गलत दिशा में लगा शीशा जीवन में परेशानियां खड़ी कर सकता है।

    शनि देव और दर्पण का क्या संबंध है?

    ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को न्याय और कर्म प्रधान देवता कहा जाता है, जो मेहनत और स्थिरता का प्रतीक हैं। दर्पण को उनकी ऊर्जा का संवाहक माना गया है।

    यदि घर में दर्पण सही स्थान पर हो, तो यह सफलता और ध्यान को बढ़ाने में भी मदद करता है। वहीं गलत स्थान पर दर्पण के होने से काम में देरी के साथ संघर्ष का सामना भी करना पड़ सकता है।

    दर्पण लगाने की सही दिशा और स्थान

    कभी भी घर में शीशा लगाते समय उसकी सही दिशा के बारे में पता होना चाहिए। घर की उत्तर या पूर्वी दीवार पर दर्पण लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दिशा उन्नति, करियर और धन में वृद्धि लाने का काम करती है।

    कार्यक्षेत्र या स्टडी डेस्क के पास दर्पण लगाने से फोकस और अनुशासन में वृद्धि होती है, जिससे कार्यक्षमता में सुधार होता है।

    इसके साथ ही ड्रेसिंग रूम में उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह करके लगा हुआ दर्पण व्यक्ति की आभामंडल (Aura) और आत्मविश्वास को निखारने का काम करता है।

    शनि देव और दर्पण का संबंध

    इन जगहों पर दर्पण लगाने से बचें

    कभी भी घर की दक्षिण दिशा की दीवार पर शीशा नहीं लगाना चाहिए। इससे तनाव, विवाद और कामों में देरी का सामना करना पड़ सकता है।

    इसके साथ कभी भी बिस्तर के सामने दर्पण नहीं लगाना चाहिए। इस दिशा में दर्पण लगाने से अनिद्रा और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है।

    कभी भी घर में टूटा, चटका या धुंधला दर्पण नहीं लगाना चाहिए। यह शनिदेव के प्रकोप और जीवन में बाधाओं को आमंत्रित करता है।

    मुख्य द्वार के सामने भी दर्पण लगाना अशुभ माना जाता है। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा पर नेगेटिव असर देखने को मिल सकता है।

    शनि देव की कृपा पाने के उपाय

    अगर आप शनि देव का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो हमेशा चौकोर या आयताकार शीशे का ही इस्तेमाल करें और उसे नियमित रूप से साफ रखें। इसके अलावा अपनी अलमारी के अंदर एक छोटा सा शीशा लगाना धन और स्थिरता को मजबूत करने का बेहतरीन उपाय है।

    खबरें और भी

    घर में किए गए छोटे-छोटे बदलाव हमें ब्रह्मांड की शक्तिशाली ऊर्जाओं से जोड़ सकते हैं। दर्पण की दिशा को संतुलित करने से न केवल आप शनि देव को प्रसन्न कर सकते हैं, बल्कि अपने भाग्य को भी बेहतर कर सकते हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।