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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Vat Savitri Vrat 2024: इन चीजों के बिना वट सावित्री की पूजा है अधूरी, नोट करें सामग्री लिस्ट

    Updated: Fri, 24 May 2024 02:11 PM (IST)

    वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat 2024) बेहद शुभ माना जाता है। इस बार यह 6 जून दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर ...और पढ़ें

    Vat Savitri Vrat 2024: वट सावित्री व्रत सामग्री लिस्ट -
    Vat Savitri Vrat 2024: वट सावित्री व्रत सामग्री लिस्ट -

    HighLights

    1. हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक वट सावित्री का व्रत है।
    2. इस दिन सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं।
    3. इस बार यह व्रत 6 जून, 2024 दिन गुरुवार को रखा जाएगा।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Vat Savitri Vrat 2024: हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक वट सावित्री का व्रत है। इस दिन सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं। इसके साथ ही उपवास करती हैं। इस बार यह व्रत 6 जून, 2024 दिन गुरुवार को रखा जाएगा। ऐसी मान्यता है कि जो महिलाएं इस व्रत को करती हैं, उन्हें सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है।

    यह पर्व मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश पंजाब और हरियाणा में मनाया जाता है, तो आइए इस दिन की पूजा में किस सामग्री की आवश्यकता होती हैं? उसके बारे में विस्तार से जानते हैं -

    वट सावित्री व्रत, 2024 डेट और शुभ मुहूर्त

    हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 05 जून को शाम 07 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 06 जून को शाम 06 बजकर 07 मिनट पर होगा। उदयातिथि को देखते हुए इस बार वट सावित्री व्रत 6, जून 2024 दिन गुरुवार को रखा जाएगा।

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    वट सावित्री व्रत सामग्री लिस्ट

    • वट वृक्ष की डाल
    • भिगा हुआ काला चना
    • बांस का पंखा
    • कलावा या सफेद सूत (हल्दी में रंगा हुआ)
    • मौसमी फल जैसे आम, लीची,तरबूज
    • अक्षत
    • धूपबत्ती
    • फूल (लाल, पीला) और फूलों की माला
    • पान
    • सुपारी
    • गंगाजल
    • पवित्र जल
    • आसन
    • केला का पत्ता
    • नए वस्त्र (लाल, पीला)
    • मिट्टी का घड़ा
    • दीप बाती
    • देसी घी
    • तांबे के लोटे में गंगाजल मिला जल
    • सिंदूर
    • रोली
    • हल्दी
    • मिठाई

    वट वृक्ष की पूजा का मंत्र

    • अवैधव्यं च सौभाग्यं देहि त्वं मम सुव्रते।

    पुत्रान्‌ पौत्रांश्च सौख्यं च गृहाणार्घ्यं नमोऽस्तुते।।

  • यथा शाखाप्रशाखाभिर्वृद्धोऽसि त्वं महीतले।

    तथा पुत्रैश्च पौत्रैश्च सम्पन्नं कुरु मा सदा।।

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