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    Vighneshwar Chaturthi पर इस तरह करें गणेश जी को प्रसन्न, मिलेगी हर बाधा से मुक्ति

    Updated: Mon, 22 Dec 2025 12:02 PM (IST)

    हर माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली चतुर्थी तिथि पर विनायक चतुर्थी का व्रत किया जाता है, जो पूर्ण रूप से भगवान गणेश (Lord Ganesha) की पूजा के लिए समर्पि ...और पढ़ें

    Vighneshwar Chaturthi 2025 (AI Generated Image)

    Vighneshwar Chaturthi 2025 (AI Generated Image)

    HighLights

    1. हर माह की शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है विनायक चतुर्थी

    2. 24 दिसंबर को किया जाएगा विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत

    3. साधक को मिलता है भगवान गणेश का आशीर्वाद

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पौष माह में आने वाली विनायक चतुर्थी को विघ्नेश्वर चतुर्थी (Vighneshwar Chaturthi 2025) के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पर गणेश जी के निमित व्रत करने और पूजा-पाठ करने से साधक को प्रत्येक क्षेत्र में सफलता मिलती है व सिद्धि की प्राप्ति होती है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप इस दिन पर किस तरह गणेश जी को प्रसन्न कर सकते हैं।

    गणेश जी का पूजा मुहूर्त

    विघ्नेश्वर चतुर्थी के दिन पर शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है -

    चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 19 मिनट से दोपहर 1 बजकर 11 मिनट से

    इस दिन चंद्रोदय देखने की भी मनाही होती है, जो कुछ इस प्रकार रहेगा -

    वर्जित चंद्रोदय का समय - सुबह 10 बजकर 16 मिनट से रात 9 बजकर 26 मिनट तक

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    अर्पित करें ये चीजें

    विघ्नेश्वर चतुर्थी (Vighneshwar Chaturthi) के दिन व्रत करें और विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करें। इसके साथ ही पूजा में आप गणपति बप्पा को दूर्वा, सिंदूर, लाल फूल, जनेऊ, सुपारी आदि अर्पित कर सकते हैं। इस दिन भोग के रूप में गणेश जी को मोदक, केले, मौसमी फल, बेसन के लड्डू और मीठा पूरन पोली आदि अर्पित कर सकते हैं। ऐसा करने से साधक को बुद्धि व सुख-समृद्धि के साथ-साथ सभी कष्टों से भी मुक्ति मिलती है।

    गणेश जी के मंत्र

    विघ्नेश्वर चतुर्थी के दिन आप गणेश जी को प्रसन्न करने व उनकी कृपा प्राप्ति के लिए आप इस दिन पर पूजा में गणेश जी के मंत्रों का जप भी जरूर करें। इससे साधक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है -

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    1. 'श्री गणेशाय नम:'

    2. वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।
    निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥

    3. "ऊं गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा"

    4. गणेश गायत्री मंत्र - ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥

    5. गणेश बीज मंत्र - "ऊ गं गणपतये नमः"

    ध्यान रखें ये बातें

    विघ्नेश्वर चतुर्थी के दिन इस बात का ध्यान जरूर रखें कि गणेश जी को तुलसी का पत्ता अर्पित नहीं करना चाहिए। ऐसा करना बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता। इस दिन पर अगर आप व्रत नहीं भी कर रहे हैं, तो तामसिक भोजन के सेवन से बचना चाहिए। साथ ही इस दिन पर काले रंग के कपड़े पहनने से भी बचना चाहिए। इन सभी बातों का ध्यान रखने से आपको शुभ परिणाम मिलते हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।