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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Vijayadashami 2023: कल है विजयादशमी, जानें- शुभ मुहूर्त, तिथि एवं धार्मिक महत्व

    By Vaishnavi DwivediEdited By: Vaishnavi Dwivedi
    Updated: Mon, 23 Oct 2023 01:57 PM (IST)

    Vijayadashami 2023 दशहरा का भारत में एक बहुत ही धार्मिक महत्व है। इस पर्व को लोग नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए भी मनाते हैं। दशहरा का इतिहास हिंदू ...और पढ़ें

    Vijayadashami 2023
    Vijayadashami 2023

    HighLights

    1. सनातन धर्म में दशहरा का महत्व काफी ज्यादा है।
    2. विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
    3. दशहरा पर लोग रावण और उनके भाइयों के पुतले को जलाते हैं।

    नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Vijayadashami 2023 Date-Time And Importance : सनातन धर्म में विजयादशमी एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी माना जाता है। यह पर्व हिंदुओं के बीच बहुत धार्मिक महत्व (Vijayadashami Importance) रखता है और यह अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन लोग प्रभु श्री राम के साथ मां दुर्गा की आराधना करते हैं।

    विजयादशमी मुहूर्त -

    दशमी तिथि प्रारम्भ 23 अक्टूबर - शाम 05:44 बजे

    दशमी तिथि समापन 24 अक्टूबर- शाम 03:14 तक

    विजय मुहूर्त - दोपहर 01:26 बजे से दोपहर 02:12 बजे तक

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    विजयादशमी पर इन चौपाई का करें पाठ -

    ''कहि न जाइ कछु नगर बिभूती। जनु एतनिअ बिरंचि करतूती।।

    सब बिधि सब पुर लोग सुखारी। रामचंद मुख चंदु निहारी।।''

    ''एक समय सब सहित समाजा। राजसभां रघुराजु बिराजा।।

    सकल सुकृत मूरति नरनाहू। राम सुजसु सुनि अतिहि उछाहू।।''

    ''मुदित मातु सब सखीं सहेली। फलित बिलोकि मनोरथ बेली।।

    राम रूपु गुन सीलु सुभाऊ। प्रमुदित होइ देखि सुनि राऊ।।''

    विजयादशमी महत्व

    दशहरा (Dussehra) का भारत में एक बहुत ही धार्मिक महत्व है। इस पर्व को लोग नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए भी मनाते हैं। दशहरा का इतिहास हिंदू पौराणिक कथाओं से जुड़ा हुआ है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान राम ने इस दिन राक्षस रावण का अंत किया था।

    वहीं, इस दिन मां दुर्गा ने भयंकर असुर महिषासुर का वध किया था। ऐसे में इस पर्व को सत्य की जीत के रूप में भी देखा जाता है। साथ ही इस दिन रामलीला का आयोजन भी किया जाता है।

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    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'