यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
व्रत के दौरान पीरियड हो जाने से क्या टूट जाता है व्रत, जानिए ऐसी ही कुछ और जरूरी बातें
vrat and periods व्रत और उपवास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न होते हैं जिनके उत्तर जानना आवश्यक है। शास्त्रों के अनुसार व्रत में दातुन नहीं करना चाहिए ...और पढ़ें

HighLights
- व्रत मानसिक शुद्धि और आंतरिक शरीर की शुद्धि के लिए होता है।
- पीरियड्स के दौरान महिलाओं को शुचिता का ध्यान रखना चाहिए।
- पीरियड्स में महिलाओं को मंदिर या पूजा सामग्री को नहीं छूना चाहिए।
शशांक शेखर बाजपेई, नई दिल्ली। व्रत-उपवास से जुड़ी कई छोटी-छोटी लेकिन बुनियादी बातें हैं, जो सभी को जाननी चाहिए। व्रत का अर्थ है संकल्पं इति व्रतः। यानी उपवास का संकल्प ही व्रत है अर्थात आज में प्रभु भक्ति में लीन होकर निराहार रहूंगा यही मन में ठान लेना ही व्रत है।
कई बार व्रत के दौरान ऐसे सवाल उठते हैं, जिनके न तो हमको जवाब पता होते हैं और न ही उन्हें कोई बता पाता है। खासतौर पर महिलाओं के लिए व्रत के नियम (fasting rules for women) को लेकर भी सवाल उठते हैं। ऐसे ही कुछ बुनियादी सवालों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
इनमें से सबसे पहला सवाह है कि व्रत, उपवास या श्राद्ध में दातुन करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, दातुन नहीं करना चाहिए। इसकी जगह सिर्फ पानी से कुल्ला करना चाहिए। मान्यता है कि व्रत वाले दिन दातुन करे से जीवन में कठिनाइयां आ सकती हैं। साथ ही व्रत का पूरा फल भी नहीं मिलता है।

पीरियड्स में क्या करें
दूसरा सवाल, व्रत के दौरान यदि किसी महिला को पीरियड्स (periods during vrat) आ जाते हैं, तो क्या व्रत टूट जाता है। इस बारे में इंदौर के पंडित गिरीश व्यास ने बताया कि व्रत का संकल्प लेने के बाद यदि पीरियड्स आ जाएं, तो भी महिलाओं को व्रत का पालन करना चाहिए। इससे व्रत में कोई रुकावट नहीं होती।
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मगर, पीरियड आने के बाद महिलाओं को शुचिता का ध्यान रखते हुए मंदिर, किचन आदि जगहों पर नहीं जाना चाहिए। पीरियड्स के दौरान पूजा सामग्री को नहीं छूना चाहिए। पीपल, तुलसी जैसे पवित्र पौधों में जल नहीं डालना चाहिए।
अब बात उन महिलाओं की जो अकेले रहती हैं, या जिनके पति खाना नहीं बना सकते हैं, तो वो किचन में जा सकती हैं। मगर, पीरियड्स खत्म होने के बाद किचन की पूरी तरह सफाई करनी चाहिए। हां, यदि व्रत का संकल्प लेने से पहले या पूजा शुरू करने से पहले पीरियड्स आ जाएं, तो उस दिन व्रत को स्थगित किया जा सकता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।