लाख कोशिशों के बाद भी बिजनेस में हो रहा घाटा? हल्के में न लें, ये है कुंडली में कमजोर बुध का संकेत
कमजोर बुध ग्रह बुद्धि, व्यापार और संचार को प्रभावित करता है, जिससे याददाश्त, निर्णय और व्यापार में हानि जैसी समस्याएं आती हैं। ...और पढ़ें

कुंडली में कमजोर बुध ग्रह के लक्षण (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ग्रहों की चाल काफी हद तक हमारे जीवन के प्रभावित करती है। अलग-अलग ग्रह हमारे ऊपर विभिन्न तरीकों से असर डालते हैं। बुधदेव इन्हीं में से एक हैं, जिन्हें ग्रहों के 'राजकुमार' भी कहा जाता है। बुध ग्रह को हमारी बुद्धि, कम्युनिकेशन, बिजनेस, त्वचा और तार्किक क्षमता का सीधा कारक माना गया है।
ऐसे में कुंडली में इस ग्रह के कमजोर होने पर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। काम का स्ट्रेस या मानसिक थकान, लाख कोशिशों और अच्छी प्लानिंग के बाद भी व्यापार में मनचाही सफलता न मिलता, सब बुध कमजोर होने के ही लक्षण है। आइए आपको बताते हैं बुध कमजोर होने के ऐसे ही कुछ अन्य लक्षण और इससे राहत पाने के लिए कुछ उपाय-
बुध ग्रह कमजोर होने के लक्षण
- याददाश्त में कमी और भटकाव: अगर आप अक्सर छोटी-छोटी बातें भूल जाते हैं या किसी एक काम पर फोकस नहीं कर पाते हैं, तो यह कमजोर बुध का बड़ा संकेत है।
- बातचीत करने में परेशानी: सही तरीके से बात न कर पाना या बातचीत के दौरान अटकना, हकलाना, सही शब्दों का ना मिल पाना या आपकी बातों का अक्सर गलत मतलब निकाल लिया जाना, भी बुध कमजोर होने का एक लक्षण है।
- फैसला लेने में कंफ्यूजन: अगर आपको भी क्या सही है और क्या गलत, यह तय करने में हमेशा उलझन रहती है, तो इसे हल्के में न लें। बुध कमजोर होने पर लोग अक्सर भ्रमित रहते हैं और बार-बार गलत फैसले ले लेते हैं।
- बेवजह का तनाव: बिना किसी ठोस वजह के हमेशा टेंशन में रहना, मानसिक चिंताएं पाले रखना और ओवरथिंकिंग करना।
- व्यापार में लगातार नुकसान: खासकर अगर आपका काम मार्केटिंग, मीडिया, शिक्षा या सेल्स से जुड़ा है और आपको लगातार घाटा हो रहा है, तो आपको बुध ग्रह मजबूत करने की जरूरत है।
- सेहत से जुड़ी दिक्कतें: अचानक से स्किन एलर्जी होना, त्वचा का रूखापन, स्किन से जुड़ी अन्य समस्या या हाथ-पैरों की नसों में सुन्नपन महसूस होना भी इसका एक प्रमुख लक्षण है।
- पढ़ाई में बाधा: छात्रों का पढ़ाई से मन उचटना और किसी भी नए विषय को समझने में भारी कठिनाई महसूस होना भी कमजोर बुध का संकेत है।
बुध ग्रह को मजबूत करने के उपाय
- रोजाना या बुधवार के दिन बुध के बीज मंत्र 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' या फिर भगवान गणेश के मंत्र 'ॐ गं गणपतये नमः' का 108 बार शांति से जाप करें।
- शुक्ल पक्ष के किसी भी बुधवार से व्रत की शुरुआत करें। इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है। अपनी डाइट में हरी मूंग या हरी सब्जियों को जरूर शामिल करें।
- बुधवार के दिन किसी जरूरतमंद को हरी मूंग की दाल, हरे वस्त्र, हरी सब्जियां या हरी चूड़ियां दान करना बेहद फलदायी माना जाता है।
- हर बुधवार विघ्नहर्ता श्री गणेश जी के मंदिर जाएं और उन्हें दूर्वा (हरी घास) और पान अर्पित करें।
- अपने हाथों से गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं। इससे बुध दोष तेजी से शांत होता है और जीवन में बरकत आती है।
- श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना बुध को शांत करने का अचूक उपाय है। इसके अलावा, किसी ज्योतिषी से अपनी कुंडली दिखाकर हाथ की सबसे छोटी उंगली में पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
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