यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gajanana Sankashti Chaturthi 2024: इस साल कब मनाई जाएगी गजानन संकष्टी चतुर्थी? नोट करें शुभ मुहूर्त एवं योग
Gajanana Sankashti Chaturthi 2024 भगवान गणेश को कई नामों से जाना जाता है। इनमें एक नाम विघ्नहर्ता है। भगवान गणेश की पूजा करने से साधक के जीवन में व्या ...और पढ़ें

HighLights
- यह पर्व हर वर्ष सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।
- इस दिन देवों के देव महादेव के पुत्र भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
- भगवान गणेश की पूजा करने से सभी प्रकार के विघ्न और बाधाएं दूर हो जाती हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Gajanana Sankashti Chaturthi 2024: हर वर्ष सावन माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के अगले दिन गजानन संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन गजानन यानी भगवान गणेश की पूजा की जाती है। साथ ही संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश की पूजा करने से व्रती के आय, सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख और संकट भी दूर हो जाते हैं। इसके लिए भगवान गणेश को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। अतः साधक संकष्टी चतुर्थी पर निष्ठापूर्वक भगवान गणेश की पूजा करते हैं। आइए, गजानन संकष्टी चतुर्थी की तिथि, शुभ मुहूर्त एवं योग जानते हैं-
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शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की की चतुर्थी तिथि 24 जुलाई को ब्रह्म बेला में 07 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 25 जुलाई को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मान्य है। अतः 24 जुलाई को गजानन संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी। इस तिथि पर चन्द्रोदय का समय रात 09 बजकर 38 मिनट है।
योग
गजानन संकष्टी चतुर्थी पर सौभाग्य और शोभन योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन सौभाग्य योग प्रातः काल 11 बजकर 11 मिनट तक है। इसके बाद शोभन योग का संयोग बन रहा है। शोभन योग 25 जुलाई को सुबह 07 बजकर 49 मिनट तक है। इस समय में भगवान गणेश की पूजा करने से साधक को मनचाहा वर प्राप्त होगा।
पंचांग
सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 38 मिनट पर
सूर्यास्त - शाम 07 बजकर 17 मिनट पर
चन्द्रोदय- शाम 09 बजकर 38 मिनट पर
चंद्रास्त- प्रात: काल 08 बजकर 31 मिनट पर (25 जुलाई)
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 15 मिनट से 04 बजकर 57 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से 03 बजकर 39 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 17 मिनट से 07 बजकर 38 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक
अशुभ समय
राहु काल - दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से 02 बजकर 10 मिनट तक
गुलिक काल - सुबह 10 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक
दिशा शूल - उत्तर
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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