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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Somvati Amavasya 2024: भाद्रपद माह में कब है सोमवती अमावस्या? नोट करें शुभ मुहूर्त एवं योग

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Wed, 21 Aug 2024 07:04 PM (IST)

    ज्योतिषियों की मानें तो सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2024) पर पितरों का तर्पण करने से कुंडली में पितृ दोष का प्रभाव कम होता है। साथ ही व्यक्ति को ...और पढ़ें

    Somvati Amavasya 2024: सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व
    Somvati Amavasya 2024: सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व

    HighLights

    1. सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान करने का विधान है।
    2. सोमवती अमावस्या पर शिव योग का निर्माण हो रहा है।
    3. अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण किया जाता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन साधक गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान कर विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। इसके पश्चात, जप-तप और दान-पुण्य करते हैं। इस शुभ अवसर पर साधक अपने पितरों का तर्पण और पिंडदान करते हैं। गरुड़ पुराण में निहित है कि सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2024) तिथि पर पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं, साधक को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उनकी कृपा से सुख, सौभाग्य, आय और वंश में वृद्धि होती है। अतः बड़ी संख्या में साधक सोमवती अमावस्या तिथि पर गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान कर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। साथ ही पितरों का तर्पण करते हैं। आइए, सोमवती अमावस्या की तिथि, शुभ मुहूर्त एवं योग जानते हैं-

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    सोमवती अमावस्या शुभ मुहूर्त (Somvati Amavasya Shubh Muhurat)

    पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह की सोमवती अमावस्या तिथि सोमवार 02 सितंबर को भारतीय समयानुसार सुबह 05 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगी और 03 सितंबर को सुबह 07 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी। इस प्रकार 02 सितंबर को सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। इस तिथि पर गंगा स्नान किया जाएगा।

    सोमवती अमावस्या शुभ योग (Somvati Amavasya Shubh Yog)

    ज्योतिषियों की मानें तो सोमवती अमावस्या पर दुर्लभ शिव योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का समापन शाम 06 बजकर 20 मिनट पर होगा। इसके बाद सिद्ध योग का संयोग बन रहा है। इस दिन शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव कैलाश पर विराजमान रहेंगे। इस योग में स्नान-ध्यान और पूजा-पाठ करने से अमोघ फल की प्राप्ति होगी।

    सोमवती अमावस्या महत्व (Somvati Amavasya Importance)

    सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान कर पितरों का तर्पण करने से व्यक्ति को पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है। साथ ही साधक को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस शुभ अवसर पर पीपल पेड़ की पूजा-उपासना करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। 

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