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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bhanu Saptami 2024: 2 या 3 मार्च कब मनाई जाएगी भानु सप्तमी? जानिए सही तिथि और अर्घ्य देने का नियम

    By Vaishnavi DwivediEdited By: Vaishnavi Dwivedi
    Updated: Sat, 02 Mar 2024 08:56 AM (IST)

    भानु सप्तमी (Bhanu Saptami 2024 Date) का व्रत करने से लोगों की मानसिक और शारीरिक शक्ति में सुधार होता है। यह उत्सव उन लोगों को प्रबुद्ध करता है जो सूर ...और पढ़ें

    Bhanu Saptami 2024: भानु सप्तमी के दिन इस विधि से सूर्य देव को दें अर्घ्य
    Bhanu Saptami 2024: भानु सप्तमी के दिन इस विधि से सूर्य देव को दें अर्घ्य

    HighLights

    1. सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
    2. भानु सप्तमी का व्रत सनातन धर्म में विशेष माना जाता है।
    3. भानु सप्तमी का व्रत भगवान सूर्य की पूजा के लिए समर्पित है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Bhanu Saptami 2024: भानु सप्तमी का व्रत सनातन धर्म में विशेष माना जाता है। यह हर माह मनाई जाती है। भानु सप्तमी का व्रत भगवान सूर्य की पूजा के लिए समर्पित है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, वह प्रकाश और ऊर्जा के स्रोत के रूप में पूजे जाने वाले परम देवताओं में से एक हैं, जो भक्त इस दिन का उपवास रखते हैं उन्हें अच्छे स्वास्थ्य, भाग्य और ज्ञान का आशीर्वाद मिलता है। इस माह यह व्रत 3 मार्च को रखा जाएगा। तो आइए इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों को जानते हैं -

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    भानु सप्तमी के दिन इस विधि से सूर्य देव को दें अर्घ्य

    भानु सप्तमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इसके बाद एक तांबे के लोटे में जल, गुड़, चावल, फूल, कुमकुम, चंदन, रोली आदि डालकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। इसके बाद उनके समक्ष घी का दीपक जलाकर उनकी भाव के साथ करती करें। अंत में उनके बीज मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही घर धन और धान्य से भरा रहेगा।

    भानु सप्तमी का धार्मिक महत्व

    सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की आराधना करने से बीमारी दूर होती है और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है। इस दिन का व्रत करने से लोगों की मानसिक और शारीरिक शक्ति में भी सुधार होता है।

    यह उत्सव उन लोगों को प्रबुद्ध करता है, जो सूर्य देव का आशीर्वाद चाहते हैं। इसलिए इस विशेष दिन भगवान सूर्य की पूजा भाव के साथ करनी चाहिए और उनका आशीर्वाद पाने के लिए पूरा दिन उनका ध्यान करना चाहिए।

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