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बांस जलाने से क्यों मना करते थे हमारे पूर्वज? जरूर जान लें शास्त्रों की ये बातें

Published: Wed, 13 May 2026 10:23 AM (IST)

भारतीय सनातन परंपराओं में बांस का जलाना वर्जित है। किसी भी हवन अथवा पूजन विधि में बांस को नहीं जलाया जाता, जिसके पीछे मुख्य धार्मिक कारण मिलते हैं।

सनातन धर्म में बांस जलाना क्यों है वर्जित? (Picture Credit: Freepik)

सनातन धर्म में बांस जलाना क्यों है वर्जित? (Picture Credit: Freepik)

HighLights

  1. वंश वृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है बांस

  2. वास्तु शास्त्र और फेंगशुई में भी बताया गया है महत्व

  3. बांस न जलाने का मिलता है वैज्ञानिक कारण भी

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में बांस को बहुत ही शुभ माना गया है। इसका उपयोग शादी सहित अन्य मांगलिक कामों में मंडप बनाने के लिए किया जाता है। आपने गौर किया होगा कि शव यात्रा में बांस की अर्थी बनाई जाती है, लेकिन चिता के साथ जलाने के लिए कभी भी बांस का उपयोग नहीं होता।

हिंदू शास्त्रों में बांस को न जलाने के पीछे छिपे मुख्य धार्मिक कारणों का उल्लेख मिलता है। चलिए जानते हैं इस बारे में।

इसलिए वर्जित है बांस जलाना

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, बांस जलाना परिवार की सुख-शांति के लिए अशुभ माना जाता है। बांस को वंश वृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। ऐसे में बांस को जलाने से वंश नाश हो सकता है। साथ ही बास को जलाना पितरों (मृत पूर्वज) के अपमान के रूप में भी देखा जाता है, जिस कारण व्यक्ति को पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है।

यही कारण है कि जिस अगरबत्ती में बांस की तीली का उपयोग किया गया हो, उसे भी पूजा-पाठ के दौरान जलाने की मनाही है। इसके स्थान पर धूप बत्ती, दीपक या बिना बांस वाली अगरबत्ती (धूप छड़ी) का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

Bamboo ग

(Picture Credit: Freepik)

वास्तु में भी बताया है महत्व

केवल हिंदू मान्यताओं के अनुसार ही नहीं, बल्कि वास्तु शास्त्र में भी बांस का विशेष महत्व बताया गया है। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार घर में बांस का पौधा रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और समृद्धि आती है, इसलिए इसे लकी बैम्बू (Lucky Bamboo) भी कहते हैं। वास्तु मान्यताओं के मुताबिक भी बांस को जलाना शुभ नहीं होता।

वहीं अगर फेंगशुई की बात की जाए, जो एक प्राचीन चीनी कला और विज्ञान है, उसमें भी बांस को जलाना अशुभ दृष्टि से देखा गया है। फेंगशुई में बांस को लंबी आयु के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, जो अच्छे भाग्य का भी संकेत देता है।

Bamboo Significance

(Picture Credit- AI Generated)

यह है वैज्ञानिक कारण

बांस न जलाने के वैज्ञानिक दृष्टिकोण की बात की जाए, तो बांस में लेड (Lead) और हेवी मेटल्स की मात्रा अधिक पाई जाती है। ऐसे में बांस जलाने पर यह लेड ऑक्साइड बनाता है, जो एक खतरनाक न्यूरोटॉक्सिक है। ऐसे में यह वातावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ सेहत को नुकसान पहुंचाता है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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