Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बेहद शक्तिशाली था लंकापति रावण, लेकिन क्यों नहीं लांघ पाया लक्ष्मण रेखा? यहां पढ़ें इसकी वजह

    Updated: Sat, 28 Dec 2024 01:10 PM (GMT+05:30)

    सनातन धर्म में धार्मिक ग्रंथ रामायण का विशेष महत्व है। इसमें भगवान श्रीराम और माता सीता समेत कई प्रमुख पात्रों के जीवन की विभिन्न परिस्थितियों का वर्ण ...और पढ़ें

    क्यों किया था लक्ष्मण रेखा का निर्माण
    क्यों किया था लक्ष्मण रेखा का निर्माण

    HighLights

    1. माता सीता की रक्षा के लिए लक्ष्मण जी ने रेखा खींची थी।
    2. इस रेखा को शक्तिशाली रावण लांघ नहीं पाया था।
    3. रावण ने माता सीता का अपहरण किया था।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Epic Story: धार्मिक ग्रंथ रामायण में भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया है और माता सीता की पवित्रता को दिखाया गया है। इसके अलावा लक्ष्मण और भरत का अपने भाई के प्रति प्रेम का उल्लेख किया गया है। रामायण के द्वारा व्यक्ति को जीवन में कई तरह की सीख मिलती है।

    रामायण के अनुसार, दशानन रावण (Ravana) ने माता सीता का अपहरण किया था। लक्ष्मण ने ज्ञान, तप, भक्ति से सिद्धियां प्राप्त की हुईं थीं, जिससे उनके भीतर एक शक्तिशाली ऊर्जा का संचार हुआ, जिससे उन्होंने माता सीता की रक्षा के लिए एक रेखा खींची थी, जिसे लक्ष्मण रेखा (Lakshman Rekha) के नाम जाना जाता है। जब रावण माता सीता के अपहरण के लिए आया तो, वह लक्ष्मण रेखा को लांघ नहीं पाया। ऐसे में सवाल उठता है कि इतना शक्तिशाली होने के बाद भी लंकापति रावण (Ravana Power) लक्ष्मण रेखा को क्यों नहीं लांघ पाया था? ऐसे में आइए इस आर्टिकल में बताते हैं इस सवाल के जवाब के बारे में।

    (Pic Credit-AI)

    क्यों किया था लक्ष्मण रेखा का निर्माण

    रावण ने माता सीता का अपहरण करना चाहता था। उसने वनवास के दौरान मामा मारीच की मदद ली थी और मारीच ने सोने के हिरण का रूप धारण किया। जब वह हिरण माता सीता को दिखाई दिया, तो उन्होंने राम जी से कहा कि वे हिरण उनके पास ले आए। इसके बाद राम जी हिरण को पकड़ने चले गए। हिरण भागे जा रहा था, तो ऐसे में राम जी को समझ आ गया कि हिरण कोई राक्षस है। ऐसे में राम जी ने मारीच को तीर मारा।

    (Pic Credit-AI)

    यह भी पढ़ें: Mahabharat: द्रौपदी का चीरहरण देखकर भी क्यों चुप रहे भीष्म पितामह, बाण शय्या पर लेटे हुए दिया इसका उत्तर

    तीर लगने पर मारीच ने असली रूप धारण किया। इस दौरान मारीच ने प्रभु श्रीराम से मदद मांगी। यह आवाज माता सीता को सुनाई दी, तो ऐसे में लक्ष्मण जी ने राम जी की मदद के लिए जंगल में जाने का विचार किया। जंगल में जाने से पहले उन्होंने माता सीता की कुटिया के चारों तरफ रेखा का निर्माण किया।  

    खबरें और भी

    लक्ष्मण रेखा का रहस्य

    लक्ष्मण रेखा में अधिक शक्ति थी, जिसकी वजह से इतना शक्तिशाली और बलशाली होने के बाद रावण रेखा को लांघ नहीं पाया। रावण कोवेदों-शास्त्रों का ज्ञान था। ऐसा माना जाता है कि लक्ष्मण रेखा को मंत्रों के जप के द्वारा बनाई गई थी। जंगल में वनवास के दौरान लक्ष्मण जी प्रत्येक दिन योग और साधना किया करते थे, जिससे उन्हें शक्ति प्राप्त हुई और लक्ष्मण रेखा बनाई। लक्ष्मण रेखा को लांघने के बाद दशानन रावण भस्म हो जाता।  

    यह भी पढ़ें: Mahabharat Yuddh: महाभारत से जुड़े हुए हैं ये स्थान, जहां आज भी मौजूद हैं साक्ष्य

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।