लंका जलाने वाली हनुमान जी की पूंछ में था इस देवी का वास, शिव जी से जुड़ा है अनोखा रहस्य
हनुमान जी की पूंछ की शक्ति और लंका दहन में उसकी भूमिका का वर्णन किया गया है। आखिर हनुमान जी की पूंछ में कौन-सी देवी वास करती है? ...और पढ़ें

हनुमान जी की पूंछ में किसका वास है? (AI Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कलयुग के देवता हनुमान जी अपने अदम्य साहस और परम भक्ति के लिए जाने जाते हैं। राम भक्त हनुमान जिनको याद करने मात्र से काली शक्तियां और नेगेटिव ख्याल नहीं आते हैं। हनुमान जी के अंदर दैवीय शक्तियां हैं। ये ताकत न सिर्फ उन्हें बलशाली बनाती है, बल्कि उन्हें अष्ट सिद्धि और नव निधियों का स्वामी भी बनाती है। क्या आपको पता है हनुमान जी की तरह उनकी पूंछ भी काफी शक्तिशाली थी।
लंका दहन के अलावा और भी कई ऐसे प्रसंग हैं, जिसमें उनकी पूंछ ने अहम भूमिका निभाई थी। क्या आपको पता है कि, हनुमान जी की पूंछ इसलिए इतनी शक्तिशाली थी, क्योंकि उसमें एक देवी का वास था। कौन थी वो देवी और उनके पूंछ में वास करने का रहस्य क्या था आइए जानते हैं।
हनुमान जी की पूंछ से जुड़े प्रसंग
हनुमान जी की पूंछ से जुड़े ऐसे कई प्रसंग प्रचलित है, जिनका जिक्र रामायण जैसे पौराणिक ग्रंथों में देखने को मिलता है। जब कोई दैत्य-दानव उनकी पूंछ को काबू में करने की कोशिश करता है, तो वह असफल हो जाता था।
जब लंका में रावण ने हनुमान जी की पूंछ में आग लगाने के आदेश दिया था, तब हनुमान जी ने लंका में आग लगाकर सोने के महलों को खाक कर दिया। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक हनुमान जी की पूंछ में माता पार्वती वास करती है।
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हनुमान जी की पूंछ में मां पार्वती का वास कैसे?
पौराणिक कथा बताती है कि, पृथ्वी लोक पर सभी देवताओं, ब्रह्मा और भगवान शिव ने भगवान श्री हरि की स्तुति की, इसके बाद उन्होंने मानव रूप में राम अवतार लेने का निश्यय किया और धरती से राक्षसों को मुक्त कराने की बात कही। भगवान शिव ने भी राम जी की सेवा करने के लिए वानर रूप में अवतार लेने का निश्यय किया।
मां पार्वती ने कहा कि, मैं भी आपकी और भगवान राम की सेवा के लिए चलूंगी। शिव जी ने माता पार्वती से कहा कि, हनुमान का अवतार ब्रह्मचारी स्वरूप होगा। भगवान श्री हरि मानव रूप में जन्म लेंगे, इसलिए मैं उनसे निम्न वानर रूप में उनकी सेवा करूंगा। वे राम के नाम से दुनियाभर में विख्यात होंगे और मैं उनका सेवक रामदूत हनुमान के नाम से जाना जाउंगा।
भगवान शिव की बात खत्म होने पर माता पार्वती ने कहा कि, हनुमान के रूप में मैं आपकी पूंछ बनना चाहूंगी, ताकि सच्चे मन से आपकी और भगवान राम की सेवा कर सकूं। तभी से माना जाता है कि, हनुमान जी की पूंछ में माता पार्वती का वास है।
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