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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ram Mandir Anniversary: 22 जनवरी को हुई थी राम लला की प्राण प्रतिष्ठा, तो पहली वर्षगांठ 11 तारीख को क्यों?

    Updated: Fri, 10 Jan 2025 01:01 PM (IST)

    वर्षों के इंतजार के बाद साल 2024 में अध्योया के राम मंदिर का निर्माण हुआ और 22 जनवरी को मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा (Ayodhya Ram Mandir First ...और पढ़ें

    Ram Mandir First Anniversary 11 जनवरी को मनाई जाएगी पहली वर्षगांठ।
    Ram Mandir First Anniversary 11 जनवरी को मनाई जाएगी पहली वर्षगांठ।

    HighLights

    1. 22 जनवरी 2024 को हुई थी राम लला की प्राण प्रतिष्ठा।
    2. 11 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी पहली वर्षगांठ।
    3. ज्योतिष गणना के आधार पर किया जा रहा है आयोजन।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, अयोध्या प्रभु श्रीराम का जन्म स्थान मानी जाती है। पिछले साल, यानी 2024 में अध्योया में राम मंदिर का निर्माण कार्य संपन्न हुआ था, जो वर्तमान समय में लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। राम लला की प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Pran Pratishtha 2025) की पहली वर्षगांठ का सभी को बेसब्री से इंतजार है, जो इस बार शनिवार, 11 जनवरी 2025 को किया जा रहा है।

    विभिन्न पंडितों के विचार -

    पंडित शिवकुमार पाण्डेय जी (श्रीबाबुलनाथ  महादेव मंदिर गिरगांव चौपाटी मुंबई) का कहना है कि गतवर्ष 22 जनवरी 2024 यानी पौष माह के शुक्ल पक्ष की कूर्म द्वादशी को श्रीरामलला प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक श्रीधाम अयोध्या में संपन्न हुआ।

    लेकिन इस वर्ष श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव वषर्गांठ 11 जनवरी 2025 को मनाया जाएगा। क्योंकि हम सभी हिन्दू वैदिक सनातन संस्कृति का अनुसरण करने वाले हैं न कि आंग्लवर्ष का ! इसलिए पौष शुक्ल द्वादशी इस वर्ष  11 जनवरी को है। प्रभु श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव वषर्गांठ पौष शुक्ल द्वादशी को हर्षोल्लास पूर्वक मनाएं।

    (फोटो - पंडित शिवकुमार पाण्डेय)

    बन रहे हैं ये शुभ योग

    आचार्य पंडित शिव गुरु जी (महाकालेश्वर एवं मंगलनाथ मंदिर उज्जैन) बताते हैं कि साल 2025 में प्रभु श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव वषर्गांठ पौष शुक्ल द्वादशी 11 जनवरी को मनाई जाएगी। इस शुभ तिथि पर एक साथ दस मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पूजा-उपासना करने से साधक की सर्व इच्छा पूर्ण होंगी। साधक अपनी सुविधा अनुसार समय पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पूजा कर सकते हैं।

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    नक्षत्र - मृगशिरा

    योग - 

    शुक्ल - सुबह 11 बजकर 49 मिनट तक

    ब्रह्म - 12 जनवरी 09 बजकर 09 मिनट तक

    बालव - सुबह 08 बजकर 21 मिनट तक

    कौलव - सुबह 07 बजकर 25 मिनट तक

    तैतिल - 12 जनवरी, सुबह 06 बजकर 33 मिनट तक

    रोहिणी - दोपहर 12 बजकर 29 जनवरी 12 तक

    सर्वार्थ सिद्धि योग - सुबह 07 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक

    अमृत सिद्धि योग- सुबह 07 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक

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    शिववास -

    कैलाश पर - सुबह 08 बजकर 21 मिनट तक

    नंदी पर - 12 जनवरी,  सुबह 06 बजकर 33 मिनट तक