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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जन्म कुंडली में मंगल दोष का होना, कई समस्याओं का कारण हो सकता है

    By Preeti jhaEdited By:
    Updated: Tue, 09 Feb 2016 01:12 PM (IST)

    जन्म कुंडली में मंगल दोष का होना, कई समस्याओं का कारण हो सकता है। दरअसल मंगल शरीर में रक्त का कारक होता है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को लाल रंग का प्र ...और पढ़ें

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    जन्म कुंडली में मंगल दोष का होना, कई समस्याओं का कारण हो सकता है। दरअसल मंगल शरीर में रक्त का कारक होता है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को लाल रंग का प्रतिनिधित्व करने वाला ग्रह माना गया है।

    जन्म कुंडली में यदि मंगल दोष हो तो विवाह संबंधी परेशानियों, रक्त संबंधी बीमारियों और भूमि-भवन जैसी समस्याएं रहती हैं। मंगल दोष जातक को तभी होता है जब कुंडली के लग्न भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव और द्वादश भाव में मंगल स्थित होता है।

    यदि मंगल 1 भाव में रख कर 4, 7 और 8 भाव पर दृष्टि करता है। तो 1 व्यक्ति के चरित्र व को दर्शाता है। इस कारण से व्यक्ति बहुत आवेगी और तुरंत गुस्सा करने वाला हो सकता है। 7 वें भाव में हो तो वैवाहिक जीवन में बाधायें आती हैं। 8 वें भाव में होने से भयंकर दुर्घटना हो सकती है। इस प्रकार लग्न में मंगल का बैठना अशुभ माना जाता है।

    यदि मंगल 4 भाव में हो है तो यह 4 के साथ 7, 10 और 11 को भी प्रभावित करेगा। हमने 4 और 7 के प्रभावित प्रभावों को देखा है। प्रभावित 10वां भाव व्यवसाय में तेजी से बदलाव, अनिद्रा और पिता से तनाव का कारण हो सकता है। 11 वें भाव के प्रभावित होने से चोरी या दुर्घटना में हानि हो सकती है। इसलिए 4 थे भाव में मंगल बहुत अच्छा नहीं है।

    अगर मंगल 12 वें भाव में हो तो यह 3, 6 और 7 भाव को प्रभावित करता है। 12 वां भाव व्यक्ति की आदतों को दर्शाता है। इससे व्यक्ति खर्च की अधिकता के बोझ तले दब जाता है।

    यदि मंगल 7 वें भाव में हो तो यह 10, 1 और2 को प्रभावित करता है। 7वां भाव वैवाहिक जीवन और जीवनसाथी का स्थान होता है। इसलिए यहां मंगल का होना वैवाहिक जीवन में कठिनाइयों का सूचक है। 2 रे भाव में मंगल पारिवारिक सदस्यों के बीच विवाद पैदा करता है।

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    यदि मंगल 8 वें घर में बैठा है तो यह 11, 2 और 3 को प्रभावित करेगा। व्यक्ति आग, रसायन या बिजली से जानलेवा दुर्घटना का शिकार हो सकता है। यदि 3रां घर मंगल से दृष्ट है तो भाई बहन में तनाव होता है। यह व्यक्ति को बहुत कठोर और हठी बना देता है। इसलिए 8 वें घर में मंगल का होना अच्छा नहीं है।