यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्रोध वो चीज है जिसमें गलती दूसरा करता है पर क्रोध कर दंड हम स्वयं को देते हैं
श्रीकृष्ण कहते हैं क्रोध से भ्रम, भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती जब बुद्धि व्यग्र होती है, तब तर्क नष्ट हो जाता है। जब तर्क नष्ट हो जाता है, तब व्यक्ति का ...और पढ़ें
