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    मोर पंख ही नहीं, बच्चों की किताबों में ये 5 चीजें रखना भी माना जाता है शुभ, बढ़ती है विद्या और बुद्धि

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 08:50 AM (IST)

    बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता और बुद्धि बढ़ाने के लिए वास्तु शास्त्र में कुछ पवित्र चीजें किताबों में रखने के फायदे बताए गए हैं। ...और पढ़ें

    बच्‍चों की मानसिक एकाग्रता बढ़ाने के उपाय (Picture Credit- AI Generated)

    बच्‍चों की मानसिक एकाग्रता बढ़ाने के उपाय (Picture Credit- AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। बच्‍चों का पढ़ाई में मन लगे और वे एकाग्रचित होकर पढ़ाई कर सकें, इसके लिए बहुत जरूरी है कि घर के वातावरण के साथ-साथ कुछ ऐसी चीजें भी की जाएं, जो वास्‍तु के हिसाब से फायदेमंद हो। वास्‍तु शास्‍त्र में बच्‍चों की किताब के बीच में मोरपंख रखने के फायदे बताए गए हैं। लेकिन इसके साथ-साथ कुछ अन्‍य पवित्र चीजें भी हैं, जिन्‍हें बच्‍चों की किताबों के मध्‍य में रखने से उनकी बुद्धि, ज्ञान और स्मरण शक्ति में अद्भुत वृद्धि होती है। चलिए आपको बताते हैं।

    तुलसी का सूखा पत्ता

    हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र और देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है। अक्‍सर तुलसी के पत्‍ती सूख कर अपने आप ही गिर जाते हैं। ऐसे में उन्‍हें बच्‍चे अपनी किताबों के मध्‍य रख सकते हैं। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। तुलसी की सकारात्मक ऊर्जा बच्चे के मन को शांत रखती हैं और पढ़ाई के दौरान होने वाले तनाव व आलस्य को दूर करती हैं।

    नीम या अशोक का पत्ता

    नीम और अशोक के वृक्ष को शास्त्रों में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाला माना गया है। किताबों के बीच नीम का एक छोटा पत्ता या अशोक का पत्ता रखने से बच्चे की एकाग्रता बढ़ती है। वास्तु के अनुसार, यह उपाय बच्चे के आस-पास किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को भटकने नहीं देता, जिससे बच्चा पूरी लगन और ध्यान के साथ अपनी पढ़ाई पर केंद्रित रहता है।

    चांदी का छोटा चौकोर टुकड़ा या सिक्का

    ज्योतिष शास्त्र में चांदी का संबंध चंद्रमा से माना गया है, जो मन का कारक है। बच्चे की मुख्य किताब या स्टडी टेबल की दराज में चांदी का एक छोटा सा चौकोर टुकड़ा रखना बेहद शुभ होता है। इससे बच्चे का मन चंचल नहीं होता, मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और याद रखने की क्षमता में सुधार आता है।

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    मां सरस्वती का चित्र या पवित्र मंत्र की पर्ची

    ज्ञान की देवी माता सरस्वती का एक छोटा सा सुंदर चित्र या हाथ से लिखा हुआ 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' मंत्र की पर्ची बच्चे की किताबों में रखने से हमेशा देवी का आशीर्वाद बना रहता है। जब भी बच्चा किताब खोलता है, तो सबसे पहले उसका ध्यान इस शुभ चिह्न पर पड़ता है, जिससे उसमें सकारात्मक सोच और सीखने की ललक पैदा होती है।

    केसर या हल्दी का तिलक लगाया हुआ कागज

    ज्योतिष में गुरु यानी बृहस्पति ग्रह को ज्ञान और विद्या का कारक माना जाता है। एक छोटे से सफेद कागज पर हल्दी या केसर से 'ॐ' या 'श्रीं' लिखकर उसे सुखा लें और बच्चे की किताब में रख दें। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे बच्चे की बुद्धि तीव्र होती है।

    अत: बच्चों की मेहनत के साथ-साथ यदि इन छोटे-छोटे वास्तु उपायों का ध्यान रखा जाए, तो इससे उनके अध्ययन के माहौल में सकारात्मक बदलाव आता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।