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घर में राधा-कृष्ण की फोटो लगाने की सही दिशा क्या है? वास्तु शास्त्र में बताए गए हैं ये जरूरी नियम

Updated: Fri, 21 Aug 2026 08:43 PM (IST)

यह लेख वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाने की सही दिशा और नियमों की जानकारी देता ...और पढ़ें

घर में राधा कृष्ण की तस्वीर कहां लगाएं ? (Picture Credit- AI Generated)

घर में राधा कृष्ण की तस्वीर कहां लगाएं ? (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. ईशान कोण राधा-कृष्ण की तस्वीर के लिए शुभ।

  2. बेडरूम में पश्चिम दिशा में लगाएं तस्वीर।

  3. दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा से बचें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। राधा-कृष्ण को प्रेम, सौहार्द, भक्ति और आपसी समझ का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि बहुत से लोग अपने घर में राधा-कृष्ण की तस्वीर या मूर्ति रखना पसंद करते हैं। वास्तु शास्त्र में भी इनके स्वरूप को घर के लिए शुभ माना गया है। हालांकि, तस्वीर लगाने की दिशा और स्थान को लेकर कुछ बातें प्रचलित हैं। चालिए जानते हैं कि वास्‍तु शास्‍त्र में इसके बारे में क्‍या बताया गया है।

ईशान कोण को माना जाता है शुभ

वास्तु के अनुसार, राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को सबसे शुभ माना जाता है। यह दिशा पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए विशेष मानी जाती है।

अगर घर में पूजा का स्थान ईशान कोण में है, तो वहां राधा-कृष्ण की तस्वीर रखी जा सकती है। मान्यता है कि इससे घर में शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है।

पूर्व दिशा भी है अच्छा विकल्प

अगर उत्तर-पूर्व दिशा में तस्वीर लगाना संभव न हो, तो पूर्व दिशा का चयन किया जा सकता है। वास्तु में पूर्व दिशा का संबंध प्रकाश और नई ऊर्जा से माना जाता है।

राधा-कृष्ण की तस्वीर को ऐसी जगह लगाना बेहतर माना जाता है, जहां घर के सदस्य आसानी से उनके दर्शन कर सकें और आसपास का स्थान साफ-सुथरा रहे।

बेडरूम में तस्वीर लगाने की मान्यता

राधा-कृष्ण को प्रेम और आपसी समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण कुछ वास्तु मान्यताओं में पति-पत्नी के शयनकक्ष में भी इनकी तस्वीर लगाने की सलाह दी जाती है।

ऐसी मान्यता है कि बेडरूम की पश्चिम दिशा वाली दीवार पर राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाने से पति-पत्नी के बीच प्रेम और आपसी समझ बढ़ सकती है। हालांकि, इसे धार्मिक रूप से अनिवार्य नियम नहीं माना जाना चाहिए।

दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा से बचें

वास्तु संबंधी मान्यताओं के अनुसार, राधा-कृष्ण की तस्वीर को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। कुछ मान्यताओं में कहा जाता है कि इससे घर के रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

हालांकि, इन बातों को वास्तु की मान्यताओं के रूप में ही देखना चाहिए, न कि निश्चित परिणाम देने वाले नियम के रूप में।

तस्वीर में राधा जी की स्थिति

कुछ परंपराओं में राधा-कृष्ण के चित्र में राधा जी को भगवान कृष्ण के बाईं ओर दिखाना शुभ माना जाता है। इसलिए तस्वीर खरीदते समय इस बात का ध्यान रखा जा सकता है।

तस्वीर जमीन पर न रखें

राधा-कृष्ण की तस्वीर को सीधे फर्श या जमीन पर रखने के बजाय दीवार पर उचित ऊंचाई पर लगाना बेहतर माना जाता है। तस्वीर आंखों के स्तर के आसपास या उससे थोड़ी ऊंचाई पर हो तो दर्शन करना भी सहज रहता है।

साफ-सफाई का रखें ध्यान

जहां राधा-कृष्ण की तस्वीर लगी हो, वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। तस्वीर के आसपास कबाड़, धूल या अनावश्यक सामान नहीं रखना चाहिए। पूजा या धार्मिक चित्रों के स्थान को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना भारतीय परंपरा में भी महत्वपूर्ण माना गया है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है