यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sawan Vastu Tips: सावन में अपनाएं ये वास्तु टिप्स, कृपा बनाए रखेंगे भगवान शिव
हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र को एक विशेष स्थान दिया गया है। ऐसे में अगर आप अपने घर में वास्तु नियमों का ध्यान रखने पर सकारात्मकत ऊर्जा बनी रहती है जि ...और पढ़ें

HighLights
- भगवान शिव का प्रिय माना गया है सावन का महीना।
- शुभ परिणाम के लिए सावन में अपनाएं ये वास्तु टिप्स।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में ऐसे कई नियम बताए गए हैं, जिनका ध्यान रखने पर घर-परिवार में एक सकारात्मक माहौल बना रहता है। इसी प्रकार आप सावन माह में भी कुछ विशेष वास्तु नियमों का पालन कर सकते हैं। ऐसा करने से महादेव की असीम कृपा आपको प्राप्त हो सकती है।
ये है सबसे बेहतर दिशा
यदि आप सावन में घर में शिवलिंग स्थापित करना चाहते हैं, तो इसके लिए ईशान कोण सबसे सही रहेगा। उत्तर-पूर्व के बीच की दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। इस दिशा में देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इसलिए आप इस दिशा में मंदिर बनाकर वहां शिवलिंग की स्थापना करें और शिवलिंग के पास रुद्राक्ष रखें।
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इस दिशा में लगाएं तस्वीर
वास्तु के अनुसार, सावन माह में घर के उत्तर दिशा में शिव परिवार की तस्वीर लगानी चाहिए। इससे भगवान शिव का आशीर्वाद आपके और आपके परिवार के ऊपर बना रहता है। साथ ही आप इस माह में मंदिर को आम के पत्तों की माला से सजा सकते हैं। इससे घर में एक सकारात्मक माहौल बना रहता है।
जरूर करें ये काम
सावन के महीने में रोजाना अपने मुख्य द्वार पर गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। इसके साथ ही मुख्य द्वार पर स्वस्तिक भी बनाएं। वहीं सावन माह में शमी का पौधा लगाना भी बहुत ही शुभ माना जाता है। इससे साधक को शुभ परिणाम की प्राप्ति होती है।
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न करें ऐसी गलतियां
लेकिन शिव तांडव मुद्रा या शिवजी के क्रोध वाली तस्वीर लगाने से बचना चाहिए। सावन के पवित्र माह में अपने घर व मंदिर की साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें। क्योंकि इसका असर आपके जीवन पर भी पड़ता है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।