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शारदीय नवरात्र में मुख्य द्वार पर बनाएं ये 4 पवित्र निशान, सालभर पैसों से भरी रहेगी तिजोरी

Published: Mon, 05 Oct 2026 02:13 PM (IST)Updated: Mon, 05 Oct 2026 02:14 PM (IST)

शारदीय नवरात्र के दौरान घर के मुख्य द्वार पर कुछ पवित्र चिह्न बनाने से माता दुर्गा की कृपा और समृद्धि ...और पढ़ें

मुख्य द्वार पर बनाएं ये पवित्र निशान, घर में आएगी खुशहाली (Picture Credit: AI Generated)

मुख्य द्वार पर बनाएं ये पवित्र निशान, घर में आएगी खुशहाली (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में किसी भी पर्व की तरह शारदीय नवरात्र का भी विशेष महत्व है और इस दौरान माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा विधि-विधान के साथ की जाती है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त घर में माता दुर्गा की पूजा इन नौ दिनों में करते हैं उसे सभी समस्याओं से बाहर आने में मदद मिलती है और जीवन में माता का आशीर्वाद बना रहता है।

इसी वजह से भक्तजन इस दौरान घर में कलश स्थापित करते हैं और माता को प्रसन्न करने के कई उपाय आजमाते हैं। इस साल शारदीय नवरात्र का आरंभ 11 अक्टूबर से हो रहा है और यदि इस पूरी अवधि में आप विशेष नियमों का पालन करने के साथ घर के मुख्य द्वार को भी कुछ विशेष तरीके से साझाएंगे और यहां कुछ पवित्र चिह्न बनाएंगे, तो माता दुर्गा की कृपा बनी रहेगी।

ॐ का निशान

अगर आप शारदीय नवरात्र के दौरान मुख्य द्वार पर ॐ का निशान हल्दी या रोली से बनाते हैं, तो इसके बहुत शुभ परिणाम होते हैं। यह एक ऐसा चिह्न माना जाता है जिसमें ब्रह्माण्ड की कई ऊर्जाएं समाहित हैं। मुख्य द्वार पर ॐ का चिह्न घर के भीतर आने वाली किसी भी बुरी ऊर्जा को रोकने में मदद करता है और किसी भी तरह के वास्तु दोष को दूर करता है।

स्वास्तिक का निशान

घर के मुख्य द्वार वह रास्ता होता है जिससे किसी भी तरह की ऊर्जा आपके घर में प्रवेश करती है। अगर आप शारदीय नवरात्र के पहले दिन मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिह्न बनाएंगे तो यह किसी भी तरह की ऊर्जा को सकारात्मक रूप देगा।

इससे आपके घर का वातावरण शुद्ध बना रहेगा और माता दुर्गा का आशीर्वाद मिलेगा। यही नहीं ये आपके घर के भीतर मौजूद किसी भी तरह के वास्तु दोष को दूर करने में मदद करता है।

कलश का निशान

कलश को हमेशा से ही समृद्धि का प्रतीक माना जाता है और मुख्य रूप से शारदीय नवरात्र के दौरान घर में कलश की स्थापना की जाती है।

जब आप रोली या हल्दी से मुख्य द्वार पर कलश बनाएंगे, तो यह किसी भी तरह की ऊर्जा को आकर्षित करेगा। इससे घर में खुशहाली आएगी और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद भी मिलेगा। कलश इस बात का प्रतीक माना जाता है कि आपके घर में अन्न के भंडार हमेशा भरे रहते हैं।

लक्ष्मी जी के चरण

यदि आप शारदीय नवरात्र के पहले दिन मुख्य द्वार पर माता लक्ष्मी के चरण लगाते हैं या इसे सिंदूर से बनाते हैं, तो यह माता लक्ष्मी को आमंत्रित करने का एक माध्यम माना जाता है।

लक्ष्मी चरण लगाने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि आपका मुख्य द्वार साफ-सुथरा होना चाहिए और इसके आस-पास किसी तरह का कूड़ा जमा नहीं होना चाहिए। लक्ष्मी चरण हमेशा इस तरह से लगाएं जैसे कि माता लक्ष्मी बाहर से भीतर प्रवेश कर रही हों।

अगर आप भी शारदीय नवरात्र के पहले दिन मुख्य द्वार के लिए इन आसान वास्तु नियमों का पालन करेंगे, तो माता दुर्गा के आशीर्वाद से घर में हमेशा खुशहाली बनी रहेगी।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।