काला और नीला रंग सच में लाता है दुर्भाग्य? वास्तु के इन नियमों को जानकर दंग रह जाएंगे आप
अक्सर आपने सुना होगा कि काले और नीले रंग को लोग अशुभ मानते हैं। किसी भी शुभ कार्य या पूजा-पाठ ...और पढ़ें

क्यों अशुभ माने गए ये रंग? (Image Source: Freepik)
HighLights
काला और नीला रंग अपने आप में अशुभ नहीं हैं
वास्तु की दिशाओं को ध्यान में रखकर इनका इस्तेमाल शुभ माना गया है
सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए तो ये रंग करियर में बड़ी सफलता दिला सकते हैं
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में रंगों का चुनाव केवल घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करने के लिए किया जाता है। आमतौर पर काले और नीले रंगों को नकारात्मकता या दुख का प्रतीक मानकर घर में इस्तेमाल करने से बचा जाता है। लेकिन, वास्तु विज्ञान के अनुसार, ये दोनों रंग हमेशा अशुभ नहीं होते। यदि इन्हें सही दिशा और सही मात्रा में इस्तेमाल किया जाए, तो ये धन-समृद्धि और करियर में बड़ी सफलता दिला सकते हैं।
काला और नीला रंग अपने आप में अशुभ नहीं हैं। अगर आप अपनी कुंडली और वास्तु की दिशाओं को ध्यान में रखकर इनका तालमेल बिठाते हैं, तो यही रंग आपके जीवन में सुरक्षा, शांति और अपार धन लेकर आ सकते हैं।
आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार काले और नीले रंग का सही उपयोग:
1. नीला रंग: शांति और विकास का प्रतीक
नीला रंग 'जल' तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। वास्तु के अनुसार, घर की उत्तर (North) दिशा में नीले रंग का प्रयोग करना अत्यंत शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा है, इसलिए यहां नीले रंग की दीवार या पेंटिंग लगाने से करियर में नए अवसर मिलते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। इसके अलावा, यह रंग मन को शांति प्रदान करता है और एकाग्रता बढ़ाता है।
2. काला रंग: स्थिरता और सुरक्षा
काले रंग को अक्सर राहु-केतु या शनि से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन, वास्तु में इसे 'गहराई' और 'स्थिरता' का प्रतीक माना गया है। घर की पश्चिम (West) दिशा में काले या गहरे नीले रंग का सीमित उपयोग किया जा सकता है। यह दिशा शनि देव की मानी जाती है। यहां इन रंगों का सही इस्तेमाल घर के सदस्यों को जीवन में स्थिरता प्रदान करता है और उन्हें बुरी नजर से बचाता है।
3. दिशाओं का रखें विशेष ध्यान
उत्तर और उत्तर-पूर्व: इन दिशाओं में हल्का नीला रंग ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाता है।

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दक्षिण और पूर्व: इन दिशाओं में काला या गहरा नीला रंग भूलकर भी नहीं करवाना चाहिए। दक्षिण दिशा अग्नि तत्व की है, और जल (नीला/काला) और अग्नि का मेल वास्तु दोष पैदा करता है, जिससे तरक्की रुक सकती है।
4. संतुलन है जरूरी
वास्तु का नियम है कि किसी भी चीज की अति खराब होती है। काले रंग का बहुत अधिक प्रयोग घर में उदासी और भारीपन ला सकता है। इसलिए, काले रंग का उपयोग पूरे कमरे में पेंट के रूप में न करके, इसे शोपीस, कुशन या किसी सजावटी वस्तु के रूप में इस्तेमाल करना बेहतर होता है।
5. किचन और बेडरूम के लिए नियम
किचन में काले रंग के ग्रेनाइट या टाइल्स से बचना चाहिए, क्योंकि यह स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। वहीं, बेडरूम में नीले रंग के हल्के शेड्स तनाव कम करने और बेहतर नींद लाने में मदद करते हैं।
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