यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Vastu Tips: बिना तोड़-फोड़ के ऐसे दूर करें सीढ़ियों का वास्तु दोष, नहीं आएगी कोई परेशानी
घर बनवाते समय यदि वास्तु नियमों का ध्यान न रखा जाए तो इससे व्यक्ति को वास्तु दोष का सामना करना पड़ता है। जिस कारण व्यक्ति के जीवन में कई तरह की समस्या ...और पढ़ें

HighLights
- प्राचीन हिंदू प्रणालियों में शामिल है वास्तु शास्त्र।
- वास्तु नियमों का ध्यान रख देख सकते हैं लाभ।
- बिना तोड़-फोड़ के पाएं वास्तु दोष से छुटकारा।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अपने दैनिक जीवन में वास्तु शास्त्र के नियमों का ध्यान रखने से जीवन में पॉजीटिव एनर्जी का प्रवाह बना रहता है। वहीं इन नियमों की अनदेखी करने पर वास्तु दोष का भी सामना करना पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र में घर के हर हिस्से को जरूरी माना गया है। इसी तरह घर की सीढ़ियों में भी वास्तु नियमों का जरूरी रूप से ध्यान रखना चाहिए।
कहां होनी चाहिए सीढ़ियां
वास्तु के अनुसार, सीढ़ियों को हमेशा दक्षिण-पश्चिम में बनवाना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि सीढ़ी को उत्तर दिशा से शुरू होकर दक्षिण दिशा में खत्म करना चाहिए। भूलकर भी ईशान कोण में सीढ़ी नहीं बनवानी चाहिए। इसी के साथ घर के ब्रह्म स्थान यानी कि घर के बीचों-बीच सीढ़ी नहीं बनवाना चाहिए। ऐसा करने से भी वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।

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रखें इन बातों का ध्यान
सीढ़ियों के नीचे मंदिर, स्टोर रूप या फिर शौचालय नहीं बनवाना चाहिए और न ही जूते-चप्पल या बेकार सामान रखना चाहिए। इसी के साथ सीढ़ियों के नीचे का स्थान खुला और साफ-सुथरा होना चाहिए। वास्तु के अनुसार, कभी भी घर की सीढ़ियों का निर्माण अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए। इस बातों का ध्यान न रखने पर भी वास्तु दोष पैदा हो सकता है।
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करें ये उपाय
यदि आपने अपने घर की सीढ़ियां वास्तु के अनुसार नहीं बनवाई हैं, तो ऐसे में आप बिना तोड़-फोड़ किए भी वास्तु दोष से बच सकते हैं। इसके लिए आप सीढ़ियों के बीच में एक घंटी या शीशा लगा सकते हैं। इसी के साथ वास्तु में सीढ़ी के दोनों छोरों पर गेट बनवाना भी शुभ माना गया है। वास्तु दोष से बचाव के लिए आप सीढ़ी के नीचे कपूर को एक डिबिया में डालकर रख दें। ध्यान रखें कि उस डिबिया को बंद न करें, ताकि कपूर की महक से वातावरण में पॉजिटिविट एनर्जी का संचार हो सके।
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