घर के मंदिर में क्यों नहीं लगानी चाहिए बड़ी या छोटी घंटी? वास्तु शास्त्र के अनुसार इसके प्रभाव
हिंदू धर्म में घर पर मंदिर की स्थापना शुभ मानी जाती है, लेकिन इसमें घंटी या बड़े घंटे का प्रयोग वर्जित है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में घ ...और पढ़ें
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मंदिर में घंटी लगाना सही है या नहीं (Picture Credit- AI)
HighLights
घंटी की तेज आवाज घर के मंदिर के लिए उपयुक्त नहीं
बड़ी घंटी लगाने से पूजा में एकाग्रता भंग हो सकती है
शंख का उपयोग कर घर के वातावरण को शुद्ध करें
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में घर पर मंदिर की स्थापना को सबसे शुभ माना जाता है। इसलिए लोग मंदिर को स्थापित करते समय छोटी-छोटी चीजों का खास ध्यान रखते हैं, ताकि मंदिर से घर में पॉजिटिविटी बनी रहे, लेकिन इसमें घंटी या बड़े घंटे को नहीं लगाते हैं। इसके पीछे का क्या है धार्मिक कारण? आइए इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
घंटी का आध्यात्मिक महत्व क्या है?
शास्त्रों के अनुसार, घंटी की ध्वनि को 'ॐ' की ध्वनि का प्रतीक माना गया है। माना जाता है कि घंटी बजाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। मान्यता है कि जब हम घंटी बजाते हैं, तो उसकी गूंज से देवगण प्रसन्न होते हैं और हमारी पूजा को स्वीकार करते हैं। इससे मन भी पूरी तरह शांत हो जाता है और एकाग्रता बनी रहती है।
घर के मंदिर में घंटी क्यों नहीं लगाना चाहिए?
घर का मंदिर छोटा होता है और यह घर के किसी एक कोने या कमरे में लगाया जाता है। यहां घंटी की तेज आवाज की जरूरत नहीं होती है। हाथ की घंटी से ही आप घर के वातावरण को शांत और सकारात्मक बना सकते हैं। अगर घर के मंदिर में आप भी ज्यादा बड़ी घंटी को लगाते हैं, तो इससे आपका मन पूजा में कम लगेगा। साथ ही घर का वास्तु दोष भी खराब हो जाएगा।

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घर के मंदिर में घंटी की क्यों जरूरत नहीं होती है?
घर के मंदिर में घंटी की जरूरत इसलिए नहीं होती है, क्योंकि आप शंख का इस्तेमाल करके वातावरण को शुद्ध कर सकते हैं। साथ ही आपका मंदिर इतना बढ़ा नहीं होता है कि यहां पर आप घंटी को लगा सकें। यह ग्रह दोष का भी कारण बन सकती है। साथ ही संकट पैदा कर सकती है। इसलिए घरों के मंदिर में घंटी को नहीं लगाया जाता है, ताकि शांति से ध्यान लगाकर पूजा-पाठ किया जा सके।
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