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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Google Pay, Paytm जैसे थर्ड-पार्टी UPI ऐप्स के लिए NPCI ने जारी किया सर्कुलर, 31 दिसंबर ये यूजर नहीं कर सकेंगे लेनदेन

    By Anand PandeyEdited By: Anand Pandey
    Updated: Fri, 17 Nov 2023 09:40 PM (IST)

    National Payments Corporation एनपीसीआई ने कहा कि सर्कुलर के अनुसार यदि ग्राहक अपने पुराने नंबर को बैंकिंग प्रणाली से डीलिंक किए बिना अपना मोबाइल नंबर ...और पढ़ें

    एनपीसीआई ने थर्ड-पार्टी ऐप्स और बैंकों से उन यूपीआई आईडी और नंबरों को डिएक्टिवेट करने के लिए कहा है।
    एनपीसीआई ने थर्ड-पार्टी ऐप्स और बैंकों से उन यूपीआई आईडी और नंबरों को डिएक्टिवेट करने के लिए कहा है।

    नई दिल्ली टेक्नोलॉजी डेस्क। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने Google Pay, Paytm, PhonePe जैसे थर्ड-पार्टी UPI ऐप्स के लिए एक महत्वपूर्ण मैसेज दिया है।

    हाल ही में जारी एक सर्कुलर में एनपीसीआई ने थर्ड-पार्टी ऐप्स और बैंकों से उन यूपीआई आईडी और नंबरों को डिएक्टिवेट करने के लिए कहा है जो एक साल से अधिक समय से बंद पड़े हैं। बता दें, एनपीसीआई एक गैर-लाभकारी संगठन है जो भारत में रिटेल पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम संचालित करता है।

    NPCI ने जारी किया सर्कुलर

    एनपीसीआई ने कहा कि सर्कुलर के अनुसार, यदि ग्राहक अपने पुराने नंबर को बैंकिंग प्रणाली से डीलिंक किए बिना अपना मोबाइल नंबर बदलते हैं तो ग्राहकों को पैसे के अनजाने ट्रांसफर को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है। ऐसी संभावना मौजूद है जहां पुराने मोबाइल नंबर को नए जारीकर्ता को जारी किया जा सकता है।

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    हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मोबाइल फोन सर्विस प्रोवाइडर को वैधानिक 90-दिन की अवधि समाप्त होने के बाद नए ग्राहकों को निष्क्रिय/डिस्कनेक्ट किए गए नंबरों को पुनः आवंटित करने से नहीं रोका जा सकता है।

    थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर को करना होगा ये काम

    सर्कुलर में नए दिशानिर्देशों के अनुसार, थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर (TPP) और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSP) को निम्नलिखित कार्य करना होगा और इसे 31 दिसंबर, 2023 तक लागू करना होगा। सभी टीपीएपी और पीएसपी बैंकों से कहा गया है कि उन ग्राहकों की यूपीआई आईडी और संबंधित यूपीआई नंबर और फोन नंबर की पहचान करें, जिन्होंने यूपीआई ऐप्स से 1 वर्ष तक कोई वित्तीय (डेबिट या क्रेडिट) या गैर-वित्तीय लेनदेन नहीं किया है।

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    • ऐसे ग्राहकों की यूपीआई आईडी और यूपीआई नंबर आवक क्रेडिट लेनदेन के लिए अक्षम कर दिए जाएंगे। इसका मतलब है कि वे इन नंबरों पर पैसे रिसीव नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, पीएसपी उसी फोन नंबर को यूपीआई से भी अपंजीकृत कर देंगे।
    • जिन ग्राहकों की यूपीआई आईडी और फोन नंबर पर इनकमिंग क्रेडिट ब्लॉक है, उन्हें यूपीआई मैपर लिंकेज के लिए अपने यूपीआई ऐप में फिर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। आवश्यकतानुसार यूपीआई पिन का इस्तेमाल करके पेमेंट और गैर-वित्तीय लेनदेन कर सकते हैं।
    • यूपीआई ऐप्स 'पे-टू-कॉन्टैक्ट' और 'पे टू मोबाइल नंबर' शुरू करने से पहले रिक्वेस्टर वेरिफिकेशन (ReqValAd) करेंगे। यूपीआई ऐप्स ग्राहक का नाम दिखाएगा जो लेनदेन शुरू करने से पहले लिया गया है और वह नाम डिस्प्ले नहीं करेगा जो ऐप के अंत में स्टोर किया गया है।

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