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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तबीयत की भी सूचना देगा त्रिशूलम

By anand rajEdited By:
Updated: Wed, 10 Dec 2014 08:59 AM (IST)

यदि आप किसी तरह के खतरे में हैं तो इसकी जानकारी कोई और नहीं बल्कि मोबाइल ही आपके परिजनों को दे देगा। यही नहीं, तबीयत खराब है या कोई दुर्घटना हो गई है तो इसकी जानकारी भी मोबाइल के जरिए परिचितों व परिजनों को मिल जाएगी।

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नई दिल्ली (अभिनव उपाध्याय)। यदि आप किसी तरह के खतरे में हैं तो इसकी जानकारी कोई और नहीं बल्कि मोबाइल ही आपके परिजनों को दे देगा। यही नहीं, तबीयत खराब है या कोई दुर्घटना हो गई है तो इसकी जानकारी भी मोबाइल के जरिए परिचितों व परिजनों को मिल जाएगी। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कलस्टर इनोवेशन सेंटर के छात्र त्रिशूलम नामक एप को सुरक्षा व स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विकसित कर रहे हैं।

इस प्रोजेक्ट के प्रमुख प्रो.आलोक निखिल झा ने बताया कि हम इसे जरूरत की सभी सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को जोड़कर तैयार कर रहे हैं हैं। हमारा मकसद है कि अधिक से अधिक लोग इस एप्लीकेशन का प्रयोग करें। यह न केवल सुरक्षा बल्कि मानव व्यवहार का भी अध्ययन करता है।

क्या है त्रिशूलम

त्रिशूलम एप तीन मोड में काम करता है। सेफ (सुरक्षित), एक्टिव (सक्रिय) और पेनिक (आपातकालीन)। सेफ मोड में मोबाइल सुरक्षित अवस्था में रहेगा, इसके अलावा एक्टिव मोड में वह गतिविधियों का अध्ययन करेगा, जबकि आपातकालीन स्थिति में आने पर मोबाइल अपने आप सूचना दे देगा। यदि व्यक्ति चाहे तो अपने आप सेफ मोड से पेनिक मोड में जा सकता है।

असुरक्षा संबंधी संदेश पहुंच जाएगा

भारत में न्यूरोलॉजी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसको स्वास्थ्य के अनुकूल भी बना रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति गिर जाता है और दो मिनट तक उसको कोई नहीं उठाता है तो उसकी असुरक्षा संबंधी संदेश उसके परिजनों तक पहुंच जाएगा। मान लीजिए कि परिजन दिल्ली में न होकर केरल में हो तो एप अपने सेफ मोड में जाकर गिरे हुए नजदीकी व्यक्ति को इसकी सूचना दे देगा। यही नहीं यदि सामान्य स्थिति के अलावा व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन आता है। जैसे कोई चिल्लाता है या तेज भागता है तो इसकी सूचना भी वह परिचितों को भेज देगा।

अलर्ट की देगा सूचना

प्रोजेक्ट के प्रमुख ने बताया कि प्राय: ऐसा देखा जा रहा है कि बच्चे विदेश में हैं, जबकि माता-पिता भारत में हैं। इस एप्लीकेशन को इस तरह से तैयार कर रहे हैं कि यदि 12 घंटे माता-पिता ने किसी का फोन नहीं उठाया तो वह अपने आप इसके अलर्ट की सूचना देगा।

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