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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    AC में क्या होता है 'इन्वर्टर' का मतलब? ज्यादातर लोग रहते हैं कन्फ्यूज!

    Updated: Sun, 08 Jun 2025 02:00 PM (IST)

    देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के कारण लोग AC खरीद रहे हैं लेकिन AC खरीदते समय दुकानदार अक्सर पूछ लेता है कि इन्वर्टर AC चाहिए या नॉन-इन्वर्टर AC। ऐ ...और पढ़ें

    AC में क्या होता है 'इन्वर्टर' का मतलब
    AC में क्या होता है 'इन्वर्टर' का मतलब

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। इन दिनों देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है, जिसके चलते लोग धड़ाधड़ AC खरीद रहे हैं। आज हर घर में एयर कंडीशनर (AC) की जरूरत महसूस होने लगी है, लेकिन जैसे ही हम नया एसी खरीदते हैं, तो एक शब्द बार-बार सामने आता है, जी हां, हम बात कर रहे हैं इन्वर्टर एसी की। कई लोग यह शब्द सुनते ही सोचने लगते हैं कि शायद इसमें बैकअप इन्वर्टर जैसा कुछ मैकेनिज्म फिट किया गया होगा, लेकिन असल में ऐसा कुछ नहीं होगा। अगर आप भी इसे लेकर कंफ्यूज हैं, तो परेशान न हों, आज हम आपको इस टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से बताएंगे...

    इन्वर्टर AC में क्या होगा है 'इन्वर्टर' का मतलब?

    सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि इनवर्टर एसी में इनवर्टर नहीं लगा होता और न ही बिजली जाने पर यह इनवर्टर पर चलेगा, बल्कि यहां इनवर्टर शब्द का इस्तेमाल एक खास टेक्नोलॉजी के तौर पर किया गया है जो कंप्रेसर की स्पीड को स्मार्ट तरीके से कंट्रोल करता है और बिजली की खपत को काफी कम कर देता है। इसे समझने के लिए आपको सबसे पहले नॉन-इनवर्टर AC और इनवर्टर एसी के बीच का अंतर समझना होगा।

    इन्वर्टर AC से कैसे अलग है नॉन-इन्वर्टर AC?

    दरअसल, नॉन-इन्वर्टर एसी में कंप्रेसर या तो पूरी ताकत से चलता है या फिर पूरी तरह से बंद हो जाता है। जैसे ही कमरे का तापमान बढ़ता है तो कंप्रेसर चालू हो जाता है और जब ठंडा हो जाता है, तो कंप्रेसर अपने आप बंद हो जाता है। नतीजा यह होता है कि बिजली की खपत ज्यादा होती है और तापमान बार-बार बदलता रहता है।

    वहीं, इनवर्टर एसी में कंप्रेसर लगातार चलता रहता है लेकिन इसकी स्पीड बढ़ती या घटती रहती है। कंप्रेसर आपके कमरे के तापमान के हिसाब से एडजस्ट होता रहता है। इसका मतलब है कि आपको स्मूद कूलिंग मिलती है और आपको इसे बार-बार चालू-बंद नहीं करना पड़ता। इससे बिजली की खपत काफी हद तक कम हो जाती है।

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    कम बिजली खर्च: ऐसा देखा गया है कि इन्वर्टर AC बिजली की खपत में 30% से लेकर 50% तक की बचत कर सकता है।

    कंस्टेंट कूलिंग: इन्वर्टर AC के साथ आपको तापमान में झटके नहीं मिलते, यानी कूलिंग बनी रहती है, जिससे बार-बार गर्मी महसूस नहीं होती।

    शोर भी कम: इस AC में कंप्रेसर काफी सॉफ्टली काम करता है, इसलिए मशीन से निकलने वाला शोर भी काफी कम होता है।

    लंबी लाइफ और कम मेंटेनेंस: लगातार इन्वर्टर AC ऑन रहने के बाद भी ये कंप्रेसर पर ज्यादा लोड नहीं डालता, जिससे इसकी लाइफ बढ़ जाती है।

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