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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हर जरूरत के लिए कर रहे Smartphone में Apps को इंस्टॉल? Device को बचाना है तो कभी न करें ये काम

    By Shivani KotnalaEdited By: Shivani Kotnala
    Updated: Sun, 09 Apr 2023 08:24 AM (IST)

    Smartphone में हर छोटी जरूरत के लिए यूजर ऐप्स को डाउनलोड करने को ही आसान रास्ता मानता है। हालांकि यह आपकी जरूरत के समय काम तो आता है लेकिन आप जाने-अनज ...और पढ़ें

    Smartphone Apps Downloading Mistakes, Pic Courtesy- Pexel
    Smartphone Apps Downloading Mistakes, Pic Courtesy- Pexel

     नई दिल्ली, टेक डेस्क। Smartphone हर यूजर की एक बड़ी जरूरत में से एक  है। ऑनलाइन खरीदारी से लेकर गूगल सर्च तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल ही किया जाता है। रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा ये डिवाइस एक महंगा खर्चा होता है। एक बार डिवाइस पर पैसा खर्च करने के बाद हर यूजर चाहता है कि कम से कम 2-3 साल तक डिवाइस खिंच जाए।

    ऐसे में हर किसी के लिए इस डिवाइस को सहेज कर रखना और भी जरूरी हो जाता है। स्मार्टफोन को बिना किसी परेशानी के लंबा चलाने के लिए ऐप्स को लेकर कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है-

    परमिशन के समय बरतें सावधानी

    किसी भी ऐप को फोन में इंस्टॉल करने जा रहे हैं तो डाउनलोड करने के बाद ऐप परमिशन पर ध्यान दें। जरूरत की सर्विस का एक्सेस दें।

    खास कर सोशल मीडिया ऐप्स को इंस्टॉल करते समय अधिक सतर्क रहें। ऐप्स को रन करने के लिए जितनी ज्यादा डिमांड्स होंगी उतना ही नेगेटिव असर फोन की बैटरी और परफोर्मेंस पर पड़ता है। इन ऐप्स का एक और नुकसान डेटा की अधिक खपत होना है। ऐप्स बैकग्राउंड में रन करें तो डेटा की भी अधिक खपत होती है।

    मल्टीपल ऐप्स का ना करें इस्तेमाल

    कई बार यूजर के फोन में एक काम के लिए एक से ज्यादा ऐप्स होते हैं। शॉपिंग, होटल बुकिंग, सोशल मीडिया से जुड़े ऐप्स को जरूरत के हिसाब से ही चुनें। मल्टीपल ऐप्स का इस्तेमाल करना फोन को ओवरलोड बनाता है, जिसका असर फोन की स्लो परफोर्मेंस के रूप में नजर आता है। अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्टिव रहते हैं तो ऐप के बजाय ब्राउजर पर ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    एक्टिविटी ट्रैकिंग रखें बंद

    कई बार किसी ऐप पर कुछ सर्च करने पर यह दूसरे ऐप्स में भी ऐड्स के रूप में नजर आने लगता है। खास कर ऑनलाइन खरीदारी के लिए सामान को सर्च करने पर ऐसा होता है।

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    इसे एक्टिविटी ट्रैकिंग कहते हैं। इससे फोन की बैटरी की खपत बढ़ती है। इतना ही नहीं, फोन की परफोर्मेंस पर भी इन ऐड्स का नेगेटिव असर पड़ता है।