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एक छोटी सी गलती और WhatsApp अकाउंट स्कैमर के हाथ, ऐसे बचाएं अपना अकाउंट

Updated: Wed, 19 Aug 2026 05:02 PM (IST)

दुनियाभर में वाट्सएप यूजर्स साइबर हमलों और नए-नए स्कैम का शिकार हो रहे हैं, जहां स्कैमर बिना पासवर्ड के भी अकाउंट एक्सेस कर लेते हैं। वाट्सएप अब एआई-बेस्ड 'स्कैम अलर्ट' फीचर ला रहा है, साथ ही यूजर्स को टू-स्टेप वेरिफिकेशन और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

एक छोटी सी गलती और WhatsApp अकाउंट स्कैमर के हाथ, ऐसे बचाएं अपना अकाउंट

एक छोटी सी गलती और WhatsApp अकाउंट स्कैमर के हाथ, ऐसे बचाएं अपना अकाउंट

HighLights

  1. स्कैमर बिना पासवर्ड के वाट्सएप अकाउंट एक्सेस कर रहे हैं।

  2. वाट्सएप ला रहा एआई-आधारित नया 'स्कैम अलर्ट' फीचर।

  3. टू-स्टेप वेरिफिकेशन और सतर्कता से सुरक्षित रखें अपना अकाउंट।

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में वाट्सएप के तीन अरब से अधिक सक्रिय यूजर्स हैं। शायद ही कोई इस बात से अनजान हो कि अकाउंट की सुरक्षा के लिए मजबूत और यूनिक पासवर्ड की जरूरत होती है। ज्यादातर लोग अकाउंट की सुरक्षा का खयाल भी रखते हैं। फिर भी, साइबर अपराधी कभी फेक इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, कभी फिशिंग अटैक तो कभी डिजिटल अरेस्ट कर ठगी को आसानी से अंजाम दे देते हैं।

वाट्सएप की तरफ से भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, एन्क्रिप्टेड क्लाउड बैकअप, ऑटोमैटिक स्पैम डिटेक्शन और टू-स्टेप वेरिफिकेशन जैसे अनेक मजबूत सुरक्षा उपाय किए गए हैं। मगर हमें समझने की जरूरत है कि वाट्सएप की सुरक्षा केवल मजबूत पासवर्ड से ही संभव नहीं है। इसके लिए निरंतर सतर्कता और समझदारी भी जरूरी है, क्योंकि स्कैम नए-नए रूप में आ रहे हैं और खास बात है कि एआई ने स्कैमर्स को घातक हथियार भी दे दिया है।

मालवेयरबाइट्स लैब्स की एक रिपोर्ट की मानें तो 'मेरे दोस्त के लिए वोट करें" जैसे स्कैम और छह अंकों के पिन की जानकारी प्राप्त कर स्कैमर अकाउंट का एक्सेस पा सकते हैं, जिससे वह मैसेज भेजने, चैट पढ़ने और पर्सनल जानकारी चुराने जैसे काम आसानी से कर सकते हैं, यानी उन्हें किसी के अकाउंट में सेंध के लिए पासवर्ड की जरूरत ही नहीं होती।

हालांकि, वाट्सएप लोगों को एआई जनरेटेड स्कैम, इंपर्सनैशन (किसी का प्रतिरूप बनकर) और सोशल इंजीनियरिंग जैसे स्कैम से बचने के लिए लगातार जागरूक करता रहता है। सोफिस्टिकेटेड साइबर हमलों से सुरक्षा के लिए मेटा अब आन-डिवाइस मशीन लर्निंग व एआई आधारित फीचर 'स्कैम अलर्ट' लाने की तैयारी में है।

कैसे पासवर्ड बिना होती है सेंध

मालवेयरबाइट्स लैब्स की मानें तो स्कैमर वाट्सएप के 'डिवाइस लिंकिंग' फीचर और बेसिक फिशिंग तरीकों का इस्तेमाल करके आपके पासवर्ड की जरूरत को बायपास कर रहे हैं। वे यूजर्स को एक नया लिंक्ड सेशन आथराइज करने के लिए वेरिफिकेशन कोड भेजकर वाट्सएप अकाउंट का एक्सेस प्राप्त कर लेते हैं। 

इसी तरह 'वोट' करने से संबंधित कोई लिंक प्राप्त होता है और जब आप उसके आधार पर कनेक्शन या वेरिफिकेशन का स्टेप पूरा करते हैं तो आपका वाट्सएप अकाउंट स्कैमर के कंट्रोल वाले डिवाइस से जुड़ जाता है।

दरअसल, वाट्सएप के डिवाइस लिंकिंग फीचर के जरिये सिंगल अकाउंट से कई डिवाइसेज में लागइन किया जा सकता है। जहां यह प्रोसेस यूजर के लिए आसान और सुरक्षित है, तो वहीं स्कैमर के लिए एक मौका। आप अपने वाट्सएप में 'लिंक्ड डिवाइसेज' आप्शन पर जाते हैं, बायोमेट्रिक्स का इस्तेमाल करके अपनी पहचान वेरिफाई करते हैं, जिस डिवाइस को लिंक करना है उससे क्यूआर कोड स्कैन करते हैं और कन्फर्म करते हैं कि आप लिंक करना चाहते हैं।

हालांकि, फोन नंबर और वन-टाइम कोड का इस्तेमाल करके भी डिवाइस को लिंक किया जा सकता है। यहीं पर, अब नए स्कैम को लेकर सतर्क होने की जरूरत है। साइबर एक्सपर्ट ऐसे स्कैम से सावधान रहने और कभी भी अपना वाट्सएप वेरिफिकेशन कोड शेयर नहीं करने की सलाह देते हैं, भले ही रिक्वेस्ट किसी जान-पहचान के व्यक्ति के पास से ही क्यों न आई हो।

अकाउंट को सुरक्षित बनाने के हैं कई तरीके

सुरक्षा के लिए यूजर को टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू करना चाहिए, क्योंकि इससे एक पिन जुड़ जाता है जो स्कैमर को आपके अकाउंट पर कब्जा करने से रोक सकता है, भले ही उन्हें एसएमएस वेरिफिकेशन कोड मिल जाए। वाट्सएप पासकी (passkey) के इस्तेमाल की सलाह देता है, जो आपके अकाउंट को डिवाइस के सिक्योरिटी सिस्टम, फिगरप्रिंट, फेस या स्क्रीन लाक से जोड़ती है।

पासकी तेजी से और सुरक्षित ढंग से लाग इन करने की सुविधा देती है। वाट्सएप का नया 'अलर्ट फीचर' रिक्वेस्ट के सोर्स को दिखाएगा और चेतावनी देगा कि यह खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा वाट्सएप का 'स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स' फीचर प्राइवेसी और सिक्योरिटी कंट्रोल देता है, हालांकि वाट्सएप का कहना है कि इसे तभी चालू करना चाहिए जब आपको लगे कि आप किसी सोफिस्टिकेटेड साइबर कैंपेन का निशाना बन सकते हैं।

कैसे काम करेगा वाट्सएप का नया स्कैम अलर्ट

इस फीचर को टर्न आन करने पर 'स्कैम अलर्ट' डिवाइस पर एक मशीन लर्निंग माडल डाउनलोड करता है। माडल यह पता लगाने के लिए एनालिसिस करता है कि क्या नान-कांटैक्ट्स से आने वाले मैसेज जाने-पहचाने स्कैम पैटर्न से मेल खाते हैं। इस माडल को उन स्कैम बातचीत के पैटर्न के आधार पर ट्रेन किया गया है, जिनकी रिपोर्ट यूजर्स ने मेटा को भेजी हैं।

अगर माडल किसी मैसेज को संभावित स्कैम की कोशिश के तौर पर पहचानता है, तो यूजर को चैट में एक वार्निंग दिखेगी, जो दूसरे व्यक्ति को नहीं दिखती। इसके बाद, यूजर तय कर सकता है कि क्या करना है, जैसे ब्लाक करना, रिपोर्ट करना या बातचीत जारी रखना।

अगर यूजर तय करता है कि चेतावनी गलत तरीके से दिखाई गई है, तो चैट को 'ट्रस्टेड' (भरोसेमंद) के तौर पर मार्क कर सकता है। 'स्कैम अलर्ट' उस चैट को दोबारा फ्लैग नहीं करेगा। अगर कोई यूजर किसी चैट को ट्रस्टेड मार्क करता है, तो वह इस फीचर की सटीकता को बेहतर बनाने में मदद के लिए वाट्सएप के साथ मिले हुए आखिरी पांच मैसेज शेयर करने का विकल्प भी चुन सकता है।

कैसे करें संदिग्ध मैसेज की पहचान

  • मैसेज लाटरी, जुए, नौकरी, निवेश या लोन के बारे में हो
  • निजी जानकारी मांगने से पहले भरोसा जीतने के लिए आपसे बातचीत करना
  • किसी लिंक पर टैप करने, लिंक के जरिये कोई नया फीचर चालू करने या कोई एप डाउनलोड करने के लिए कहना
  • टाइपिंग या व्याकरण की गलतियां
  • आपकी निजी जानकारी, जैसे क्रेडिट कार्ड या बैंक अकाउंट नंबर, जन्म की तारीख या पासवर्ड शेयर करने के लिए कहना
  • किसी मैसेज को फारवर्ड करने के लिए कहना
  • पैसे मांगना या यह दावा करना कि वाट्सएप इस्तेमाल करने के लिए आपको पैसे देने होंगे
  • ऐसा दिखाना कि वे कोई ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें आप जानते हैं

स्कैम के कुछ आम उदाहरण

  • रिलेशनशिप स्कैम : कुछ स्कैमर आपके साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने का नाटक करते हैं और फिर पैसे या लोन की मांग करते हैं। वे मिलने का प्लान भी बना सकते हैं और फिर आखिरी समय पर प्लान रद्द कर सकते हैं।
  • रोजगार स्कैम: नौकरी के नकली आफर भी मिल सकते हैं। कोई व्यक्ति किसी जानी-मानी कंपनी का रिक्रूटर होने का दावा करके आपको निजी जानकारी देने के लिए धोखा दे सकता है या नौकरी के आवेदन के लिए पैसे मांग सकता है। इन स्कैम में अक्सर अच्छी सैलरी वाली और घर से काम करने (वर्क-फ्राम-होम) वाली नौकरियों के आफर हो सकते हैं।
  • निवेश स्कैम: कोई स्कैमर कम जोखिम और अधिक मुनाफे का वादा करके निवेश का नकली आफर दे सकता है, ताकि आप अपनी निजी जानकारी या पैसे दे दें। इस तरह के स्कैम आमतौर पर क्रिप्टोकरेंसी, स्टाक, बांड, कमोडिटी और प्रापर्टी से जुड़े होते हैं।
  • इंपर्सनेशन स्कैम: स्कैमर अक्सर दोस्त या परिवार का सदस्य बनकर पैसे या निजी जानकारी देने के लिए धोखा देते हैं। वे किसी सेलिब्रिटी या जानी-मानी कंपनी या बिजनेस का रूप भी धर सकते हैं।

अपनी सुरक्षा का ऐसे रखें खयाल

वाट्सएप के एक आफिशियल के अनुसार कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है...

  • अनजान काल साइलेंस करें: इससे स्पैम, स्कैम व अनजान काल को स्वत: फिल्टर हो जाती है।
  • कांटैक्स्ट कार्ड: स्कैमर लोगों की जल्दबाजी और घबराहट का फायदा उठाते हैं, जिससे लोग चेतावनी के संकेतों पर ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे में देखें कि क्या कोई व्यक्ति आपके कांटैक्ट लिस्ट में या किसी कामन ग्रुप में है या नहीं? अगर दूसरा कंट्री कोड या नया अकाउंट है, तो यह स्कैम हो सकता है।
  • डिवाइस लिंकिंग चेतावनी: वाट्सएप अब यूजर्स को संदिग्ध लिंकिंग रिक्वेस्ट होने पर अलर्ट करेगा।
  • स्क्रीन शेयरिंग: वीडियो काल में अनजान कांटैक्ट के साथ स्क्रीन शेयरिंग के दौरान वाट्सएप अलर्ट करता है, क्योंकि स्कैमर बैंक डिटेल्स या वेरिफिकेशन कोड के लिए लोगों बाध्य करते हैं।
  • प्राइवेसी चेक-अप: यूजर खुद ही चुन सकते हैं कि कौन संपर्क कर सकता है, निजी जानकारी कंट्रोल कर सकते हैं व चैट में प्राइवेसी बढ़ा सकते हैं।
  • टू-स्टेप वेरिफिकेशन: इससे अकाउंट की सुरक्षा और बढ़ जाती है। अकाउंट रीसेट या वेरिफाइ करते समय छह अंकों का पिन डालना होता है।

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