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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ड्रोन से घर-घर पहुंचेगा पार्सल

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Updated: Fri, 22 Aug 2014 01:45 PM (IST)

दोस्तो, कभी युद्ध के मैदान में और जासूसी के क्षेत्र में जलवे दिखाने वाला ड्रोन आने वाले दिनों में भारत में आपके घर आकाश मार्ग से डिलीवरी का सामान लेकर ...और पढ़ें

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दोस्तो, कभी युद्ध के मैदान में और जासूसी के क्षेत्र में जलवे दिखाने वाला ड्रोन आने वाले दिनों में भारत में आपके घर आकाश मार्ग से डिलीवरी का सामान लेकर आएगा। जी हां, ऑनलाइन रिटेलर कंपनी अमेजन ड्रोन से डिलीवरी की शुरुआत अमेरिका से नहीं, बल्कि भारत से करने जा रही है। मुंबई और बेंगलुरु में इसका ट्रायल होगा। इस ड्रोन का नाम है अमेजन प्राइम एयर।

3 घंटे में मिल जाएगी डिलीवरी

इसका वजन 25 किग्रा. से भी कम होगा और यह 80 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगा। यह ड्रोन 2.26 किग्रा. तक वजन ले जा सकेगा। शुरुआत में ड्रोन के जरिए मोबाइल और किताब जैसे प्रोडक्ट्स 90 मिनट से लेकर 3 घंटे के भीतर कस्टमर्स तक पहुंचाए जा सकते हैं।

भारत से ही शुरुआत क्यों?

भारत अमेजन के लिए ट्रायल के लिहाज से अच्छा प्लेटफॉर्म है, क्योंकि मानव रहित एरियल वेहिकल्स के बारे में अभी यहां नियम नहीं बने हैं। अमेरिका में अमेजन जैसी निजी कंपनियों को ड्रोन उड़ाने की इजाजत नहीं है।

ड्रोन क्या है?

अब तक ड्रोन का इस्तेमाल जासूसी और बिना आवाज किए हमला करने के लिए होता रहा है। यह हेलीकॉप्टर की तरह का मानवरहित हल्का विमान है। इसका पहली बार इस्तेमाल ऑस्ट्रिया ने 1850 के आसपास वेनिस पर हमले के दौरान किया था। प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान इसे और डेवलप किया गया। धीरे-धीरे युद्ध के अलावा भी इसका इस्तेमाल होने लगा। 2001 में अमेरिका ने अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकियों पर हमले के लिए इसका इस्तेमाल किया। नवंबर 2002 में यमन में इसी की मदद से अलकायदा के एक आतंकवादी को मार गिराया गया था। 2009 में इजराइल ने भी इसका इस्तेमाल किया था। इसके अलावा, फिल्मों की शूटिंग के दौरान भी इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है।