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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल की बीमारी बताएगा स्मार्टफोन ऐप, इस्तेमाल करने का तरीका दिलचस्प; ऐसे कर सकते हैं इंस्टॉल

Published: Tue, 09 Apr 2024 02:54 PM (IST)Updated: Tue, 09 Apr 2024 02:57 PM (IST)

जिस ऐप के बारे में हम आपको बता रहे हैं वह एक स्टार्टअप के द्वारा तैयार किया गया है। इसकी ...और पढ़ें

दिल से जुड़ी बीमारी बता देगा ये स्मार्टफोन ऐप
दिल से जुड़ी बीमारी बता देगा ये स्मार्टफोन ऐप

HighLights

  1. CardioSignal ऐप एक स्टार्टअप ने तैयार किया है।
  2. यह हार्ट से जुड़ी जानकारी दे सकता है।

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। डिजिटल दुनिया तेजी से विस्तार कर रही है। बढ़ती तकनीक ने कई मामलों में लोगों की राहें आसान की हैं तो कुछ मामलों में बढ़ती तकनीक को सराहा भी जाना चाहिए। स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच तो आजकल कई ऐसे फीचर्स के साथ आते हैं, जो हेल्थ से जुड़ी कई परेशानियों के बारे में बता देते हैं। अब ये टेक्नोलॉजी थोड़ी और आगे बढ़कर ऐप के जरिये लोगों की मदद कर रही है। दरअसल एक मोबाइल ऐप है जो लोगों की जान बचाने का कर रहा है। यह ऐप दिल से जुड़ी बीमारियों के बारे में पता लगा देता है।

कौन सा है ये ऐप?

जिस ऐप के बारे में हम आपको बता रहे हैं वह एक स्टार्टअप के द्वारा तैयार किया गया है। इसकी खास बात है कि यह हार्ट से जुड़ी जानकारी देने में सक्षम है। मसलन, अगर किसी के के हार्ट में कोई दिक्कत है तो यह ऐप बखूबी उसके बारे में जानकारी दे सकता है। 2011 में शुरू हुए इस स्टार्टअप ने CardioSignal नाम के इस ऐप को लंबी मशक्कत के बाद तैयार किया है।

दिल की बीमारी बताएगा स्मार्टफोन...

CardioSignal ऐप की खास बात है कि ये दिल से जुड़ी बीमारियों के बारे में जानकारी दे सकता है। इस ऐप में लगे हुए सेंसर हार्ट की गहराई से जांच करते हैं और फिर डेटा यूजर्स को देते हैं। इसे इस्तेमाल करने का तरीका भी आसान सा है, ऐप को इंस्टॉल करने के बाद सिर्फ आपको इसे अपने सीने पर रखना होता है।

बताया गया है कि यह ऐप स्मार्टवॉच में मिलने वाले हार्ट रेट मॉनिटरिंग फीचर से कई मामलों में अलग है। यहां पहले डेटा को क्लाउड सर्वर पर विश्लेषण करने के लिए भेजा जाता है। जिसके कुछ समय बाद यूजर्स को हार्ट के बारे में जानकारी मिलती है।

स्मार्टवॉच और इसका डेटा कैसे अलग

भले ही आजकल जो स्मार्टवॉच आ रही हैं उनमें कई खास फीचर्स दिए जाते हैं हेल्थ के लिहाज से काफी जरूरी हैं। लेकिन इनसे मिलने वाले डेटा को ज्यादा प्राथमिकता नहीं दी जाती है। क्योंकि इसमें हेल्थ को लेकर कई तरह के रिस्क हैं। हालांकि बात CardioSignal की करें तो इसमें चीजें बदल जाती हैं। इस ऐप से मिलने वाले डेटा को क्लिनिकली इस्तेमाल किया जा सकता है। इस ऐप को ऐसा करने के लिए वकायदा मंजूरी भी मिली हुई है।

कहां उपलब्ध है ऐप

ये खास तरह का ऐप कुछ देशों में एंड्रॉइड और iOS दोनों ही यूजर्स के लिए उपलब्ध है। इनमें देशों में ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलेंड, इटली, स्पेन, स्वीडन, स्विटजरलेंड, यूके, नीदरलेंड, बेल्जियम, नॉर्वे और भारत में मौजूद है।

जानिए हार्ट रेट मॉनिटर के बारे में....

चुंकि, हार्ट रेट मॉनिटर (HRM) अब स्मार्टवॉच का एक जरूरी फीचर बन गया है। इसलिए हम जान रहे हैं कि आखिर ये होता क्या है और इसे स्मार्टवॉच में देने का मुख्य उद्देश्य क्या है। हार्ट रेट मॉनिटर प्रमुख तौर पर दो मेथड्स पर काम करता है। जिसमें पहला तो वह हार्ट रेट सिग्नल (इलेक्ट्रिकल और ऑप्टिकल) को रिकॉर्ड करता है। यह दोनों ही ऑटोमेटेड एल्गोरिद्म के आधार पर हार्ट को मेजर करते हैं।

जिसके बाद कुछ बेसिक डेटा प्रदान करते हैं। हार्ट रेट मॉनिटर से मिलने वाला डेटा कई बार सही होता है तो कुछ ऐसे भी मामले होते हैं जिनमें ये मात खा जाता है। मसलन इस फीचर से मिलने वाले डेटा को क्लिनिकली प्रमाण के तौर मानना रिस्की टास्क है।

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