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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI पर लोगों का डेटा चोरी करने का आरोप, मुकदमा दायर

    By Subhash GariyaEdited By: Subhash Gariya
    Updated: Thu, 29 Jun 2023 04:20 PM (IST)

    OpenAI पर इंटरनेट यूजर्स का डेटा चोरी करने के आरोप में कैलिफोर्निया की एक अदालत में मुकदमा दायर किया गया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने यूजर्स के डेटा क ...और पढ़ें

    ChatGPT creator OpenAI sued for stealing users data.
    ChatGPT creator OpenAI sued for stealing users data.

    नई दिल्ली, टेक डेस्क। OpenAI पिछले काफी समय से सुर्खियों में है। पिछले साल नवंबर में कंपनी ने अपना AI चैटबॉट ChatGPT को लॉन्च किया था। जेनरेटिव एआई के मामले में यह काफी पॉपुलर है। OpenAI फिलहाल कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में चल रहे एक मुकदमे को लेकर फिर से सुर्खियों में है।

    OpenAI पर मुकदमा क्यों हुआ?

    मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि OpenAI ने इंटरनेट से बड़ी संख्या में यूजर्स का डेटा चुराया है। आरोप लगाए गए है कि वह इस डेटा का दुरुपयोग कर रहा है। इसमें आगे कहा गया है कि इस डेटा का इस्तेमाल कंपनी ने अपने एआई टूल को ट्रेनिंग देने के लिए किया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, मुकदमे में यह भी दावा किया गया है कि कंपनी ने इंटरनेट पर एक्सचेंज होने वाले डेटा को 'सीज' कर लिया है। इसके लिए कंपनी ने यूजर्स न तो नोटिस दिया और न ही उसने सहमति ली। इस डेटा के लिए उसने यूजर्स को कंपनसेशन भी नहीं दिया है।

    सीएनएन से बात करते हुए, मुकदमा दायर करने वाले टिमोथी जियोर्डानो ने बताया कि कंपनी ने लाखों यूजर्स का व्यक्तिगत डेटा अपनी टेक्नोलॉजी को विकसित करने के लिए इस्तेमाल किया है। ऐसा करके कंपनी ने उन लोगों को एक अनजान खतरे में डाल दिया है। कंपनी पर सभी उम्र के यूजर्स का इंटरनेट पर उपलब्ध डेटा को चोरी करने और उसका गलत तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।

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    माइक्रोसॉफ्ट को भी घसीटा

    इस मुकदमे की सबसे दिलचस्प बात यह कि माइक्रोसॉफ्ट ने OpenAI के साथ एक अरब डॉलर की डील की गई है। उसे भी इस मुकदमे में भागीदार बनाया गया है। फिलहाल माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई ने इस मुकदमे को लेकर कुछ प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि अभी यह जानकारी नहीं है कि अदालत कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए सहमत है या नहीं।