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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Economic Survey 2023: सरकार की PLI स्कीम मचा रही है धूम, विदेशी के साथ भारतीय कंपनियों ने भी मारी छलांग

    By Kritarth SardanaEdited By: Kritarth Sardana
    Updated: Tue, 31 Jan 2023 07:03 PM (IST)

    Economic Survey 2023 संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2023 की रिपोर्ट पेश की गई है। इस रिपोर्ट में ये सामने आया है कि सरकार की पीएलआई स्कीम बेहद कामयाब साबि ...और पढ़ें

    PLI Scheme photo credit- Jagran file photo
    PLI Scheme photo credit- Jagran file photo

    नई दिल्ली, टेक डेस्क। आर्थिक सर्वेक्षण 2023 में कहा गया है कि देश में मोबाइल फोन के उत्पादन में पांच गुना बढ़ोतरी के साथ 55.1 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। इससे भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के निर्यात में बढ़त हासिल हुई है।

    इस सर्वेक्षण में PLI स्कीम (production linked incentive) के जरिए बड़े पैमाने पर अर्थव्यवस्था को प्रोत्सहन मिलने की संभावना जताई गई है। घरेलू कंपनियों का समर्थन करने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं में खासी संभावना देखी गई है।

    संसद में पेश की गई आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है 'पिछले पांच वर्षों में विनिर्माण और निर्यात में सुधार यह सुनिश्चित करता है कि भारत इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक सामान नवंबर 2022 में सकारात्मक निर्यात वृद्धि प्रदर्शित करने वाले शीर्ष पांच कमोडिटी समूहों में से थे, यह सेगमेंट में 55.1 प्रतिशत की दर से निर्यात साल-दर-साल बढ़ रहा है।'

    भारत बना विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता

    इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में विकास के प्रमुख चालक मोबाइल फोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स हैं। अगर मोबाइल फोन सेगमेंट पर ध्यान दें तो यहां भारत वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है।

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    गौरतलब है वित्त वर्ष 2015 में जहां हैंडसेट का उत्पादन छह करोड़ यूनिट था, वो अब बढ़कर वित्त वर्ष 2022 में 31 करोड़ यूनिट हो गया है। नई घरेलू और वैश्विक कंपनियों से इन आंकड़ों में और उछाल आने की उम्मीद है।

    सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि उद्योग 4.0 में बेहतर डिजिटलीकरण और रोबोटिक्स एप्लिकेशन औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स में विकास कर रहे हैं और स्मार्ट शहरों और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर जोर स्मार्ट और स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग को सुव्यवस्थित करेगा। बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (manufacturing) के लिए पीएलआई योजना ने 4,784 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है।

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पीएलआई योजना में भागीदारी से अब कई और घरेलू कंपनियों को स्थानीयकरण के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसलिए यह निर्यात प्रतिस्पर्धा को और बढ़ाएगा।

    इसके अलावा इस सर्वेक्षण में सेमीकंडक्टर की कमी के प्रभाव का भी उल्लेख किया गया है। बता दें कि कोविड-19 महामारी के दौरान सेमीकंडक्टर की कमी का संकट उत्पन्न हुआ था।  

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